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आदेश गैंग ने ही कराई थी फर्जी पतों पर भर्ती

Thu, 14 May 2015 02:00 AM IST
बरेली
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मेरठ के आदेश गुर्जर गैंग  बरेली ही नहीं पूरे देश की सेना रैलियों में लड़कों को फर्जी पतों पर भर्ती कराता रहा है। पुलिस को विवेचना के दौरान आदेश गुर्जर के खिलाफ सुबूत भी मिल गए हैं। पिछले साल पकड़े गए चार लड़कों ने पुलिस को लिखकर दिया है कि उनसे रुपये लेकर आदेश गुर्जर और उनके राइट हैंड कहे जाने वाले रिटायर मेजर आदित्य चौहान बरेली में भर्ती कराकर लाए थे। अब सेना में फर्जी पतों पर भर्ती कराने के मामले में आदेश गुर्जर और उसके गैंग के साथियों की गिरफ्तारी के लिए मेरठ पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।
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सेना भर्ती बोर्ड के कर्नल राजीव दीक्षित ने 22 अगस्त 2014 को स्टेशन रोड स्थित होटल में छापा मारकर चार लड़कों को पकड़ा था। पकड़े गए लड़कों में विष्णु शर्मा नाम का लड़का राजस्थान के भरतपुर जिले के इकनहरा गांव का रहने वाला था, लेकिन वह ग्राम देवरिया, थाना बीसलपुर, पीलीभीत के फर्जी पते पर सेना में भर्ती होने के लिए आया था। राहुल कुमार और हरेंद्र सिंह निगुना सुगना, थाना टप्पल, अलीगढ़ के थे। यह दोनों ईंटगांव, बीसलपुर, पीलीभीत के पते पर भर्ती होने आए थे। चौथा जीतू भी राहुल कुमार के गांव का ही रहने वला है। जो कि राहुल के लिए दौड़ने आया था। जो कि  रंगे हाथ पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान चारों में से किसी ने आदेश गुर्जर और आदित्य के खिलाफ मुंह नहीं खोला था। भर्ती बोर्ड के कर्नल के मुकदमा लिखाने के बाद कैंट पुलिस ने चारों को जमानत पर छोड़ दिया था। मुकदमे में आदेश गुर्जर और मेजर आदित्य चौहान का नाम भी होटल से भागने वालों में शामिल था। विवेचकों ने सेना में सेंध लगाने के मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस आदेश गुर्जर गैंग की जड़ें तलाशने के बजाए चुप होकर बैठ गई। 2015 में फिर से ग्यारह लड़के फर्जी पतों पर भर्ती होने का मामला प्रकाश में आया तो आला अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया। विवेचना उप निरीक्षक घनश्याम तिवारी को मिल गईं। विवेचक ने बताया कि आदेश गुर्जर गैंग के खिलाफ उन्हें सुबूत मिल गए हैं। चारों लड़कों ने उन्हें लिखकर दिया है कि उन्हें आदेश गुर्जर ही भर्ती कराने के लिए लाया था। सेना के अधिकारियों का छापा पड़ने से पहले ही वह होटल से निकलकर भाग गए। एसपी क्राइम डॉक्टर एसपी सिंह ने बताया कि आदेश को हम मुल्जिम तो मान ही रहे हैं, उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।  


 
 ढाई-ढाई लाख रुपये दिए थे
राहुल कुमार ने विवेचक को लिखित में बयान दिया है कि वह कानपुर की सेना भर्ती रैली में फेल हो गया था। आदेश गुर्जर ने उससे ढाई लाख रुपये दिए थे। वापस करने पर वह उसे बरेली में भर्ती कराने के लिए आया था। विष्णु शर्मा ने लिखकर दिया है कि आदेश गुर्जर ने छह लाख रुपये में उसने भर्ती कराने का वादा किया था। राजेंद्र नाम के लड़के ने उसकी आदेश गुर्जर से बात कराई थी। ढाई लाख रुपये लेने के बाद वह उसे मथुरा की सेना रैली में भर्ती नहीं करा पाया। रुपये वापस करने के बजाए वह बरेली में उसकी भर्ती कराने के लिए लाए थे। हरेंद्र सिंह ने बताया कि 2013 में वह मेरठ में होने वाली भर्ती के दौरान दौड़ से निकल गया था। आदेश ने ढाई लाख रुपये लेकर उसे बरेली में भर्ती कराने का वादा किया था।
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पांच हजार के लिए दौड़ने आया था
 जीतू कुमार ने पुलिस को बताया कि वह अपने गांव के राहुल कुमार के लिए पांच हजार रुपये में दौड़ने के लिए आया था। उसका भर्ती होने या कराने से कोई मतलब नहीं था।

फर्जी प्रमाण पत्र भी बनाकर देता है आदेश
विवेचक ने बताया कि चारों लड़कों ने बताया है कि  आदेश गुर्जर के पास तमाम मोहरें हैं। न्यू सांई कंकडखेड़ा मवाना रोड पर आदेश और आदित्य ने ऑफिस बना रखा था। वहीं पर लड़कों से भर्ती कराने के लिए डीलिंग होती थी। वह जाति और शैक्षिक प्रमाण पत्र बनाकर भी देता था।   

इस बार सौ से ज्यादा सर्टिफिकेट संदिग्ध

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बरेली, बदायूं, पीलीभीत के रहने वाले तमाम युवाओं का गाजीपुर, हरदोई, अलीगढ़, मैनपुरी और एटा जैसे नकल के लिए बदनाम जिलों से हाईस्कूल और इंटर पास करना सेना का संदेह बढ़ा रहा है। लिखित परीक्षा की स्टेज तक पहुंच चुके ऐसे करीब साढ़े तीन सौ में से सौ से ज्यादा युवाओं ने  शैक्षिक प्रमाणपत्र इन्हीं जिलों के विद्यालयों से हासिल किए हैं। सेना ने फिलहाल इनको संदिग्ध मानकर सत्यापन शुरू करा दिया है।
पिछली भर्ती में 25 से ज्यादा अभ्यर्थियों के फर्जी मिले सर्टिफिकेट की वजह से इस बार सेना ज्यादा सतर्क है। अफसर भी मान रहे हैं कि नकल के लिए लड़कों ने इन जिलों को रुख किया होगा, लेकिन वह इससे भी भलीभांति संतुष्ट होना चाहते हैं कि परीक्षा उसने दी भी या नहीं। इसके लिए वह संबंधित विद्यालय में जाकर सर्टिफिकेट के रिकार्ड का सत्यापन करना चाहते हैं। सेना भर्ती के निदेशक कर्नल राजीव दीक्षित ने बताया कि सेना में ईमानदार और योग्य उम्मीदवारों को ही भर्ती करने के मकसद से विद्यालयों में स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। हालांकि वह यह भी मान रहे हैं कि पढ़ने-लिखने वाले युवा ही लिखित परीक्षा पास कर सकेंगे।


इंसेट...
दूसरे के प्रमाणपत्र पर दौड़ा युवक पकड़ा
बरेली। सेना भर्ती में बुधवार को दूसरे के सर्टिफिकेट पर भर्ती के लिए दौड़ लगाते युवक को पकड़ लिया गया। वह किसी पवन सिरोही के हाईस्कूल के सर्टिफिकेट पर दौड़ लगा गया। इसके लिए उसने सर्टिफिकेट पर अपना फोटो भी चस्पा कर लिया था। मामला इसलिए पकड़ा गया क्योंकि दौड़ में पवन भी शामिल होने आया था। एक ही सर्टिफिकेट पर दो युवकों के दौड़ने का मामला संज्ञान में आने के बाद आर्मी के अफसरों ने दोनों से पूछताछ की तो पकड़े गए युवक ने कबूल लिया कि उसका नाम मुकेश है और वह जिस पवन के सर्टिफिकेट पर दौड़ा है, वह उसका चचेरा भाई है। उसने बताया कि ऐसा उसने इसलिए किया ताकि पवन अगर दौड़ नहीं निकाल पाए तो उसका चयन हो जाए। आर्मी अफसरों ने उसे पूछताछ के बाद बैठा लिया। हालांकि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।  बुधवार को संभल के  3200 युवकों ने दौड़ लगाई। इसमें 388 मेडिकल के लिए चयनित हुए।
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