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सेना भर्ती को फिर भेदने की कोशिश

Fri, 08 May 2015 01:30 AM IST
बरेली
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अगस्त में हुई पिछली सेना भर्ती में फर्जीबाड़ा पकड़े जाने के बाद भी कोशिशें थमी नहीं। बृहस्पतिवार को शुरू हुई सेना भर्ती में पहले ही दिन किसी और के सर्टिफिकेट पर दौड़ लगाने वाले युवक को पकड़ लिया गया। उसके सारे सर्टिफिकेट जब्त कर काफी देर बैठाए रखा। आर्मी विजिलेंस ने उससे पूछताछ की।
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पकड़ा गया विपेंद्र शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन क्षेत्र के धना गौटिया गांव का रहने वाला है। सुबह उसने सेना भर्ती की दौड़ निकाल ली लेकिन इसके लिए उसने हाईस्कूल के जिस प्रमाणपत्र पर अपना फोटो चस्पा किया, वह सर्टिफिकेट किसी रामशंकर का था। मामला तब पकड़ा गया, जब वह रामशंकर के मूल प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके बाद उसको आर्मी ने अपनी हिरासत में लेकर भर्ती स्थल पर ही बैठा लिया। वह अपने मूल सर्टिफिकेट लेकर आया था, जिन्हें दिखाने लगा लेकिन अफसरों ने विजिलेंस को बुलाकर उससे शाम तक पूछताछ कराई। युवक विपेंद्र का कहना था कि रामशंकर उसका साथी है, जिसके साथ वह भर्ती में शामिल होने आया था लेकिन हाईस्कूल के सर्टिफिकेट की फोटोकापी कराने के दौरान अदला बदली हो गई और जल्दबाजी में उसने ध्यान नहीं दिया, जिससे उसने अपना फोटो रामशंकर के सर्टिफिकेट पर चस्पा कर दिया, पर आर्मी के अफसरों का कहना था कि जिस रामशंकर का वह नाम ले रहा है, वो भर्ती में शामिल नहीं हुआ है, इसलिए यह मामला संदिग्ध नजर आने लगा। अफसरों ने अनुमान लगाया कि हो सकता है कि विपेंद्र पैसा लेकर रामशंकर के लिए दौड़ा हो। पूछताछ के बाद विपेंद्र अफसरों से छोड़ देने की गुहार लगाता रहा। भर्ती निदेशक कर्नल राजीव दीक्षित ने बताया कि फिलहाल पकड़े गए युवक को छोड़ दिया है लेकिन जांच के सर्टिफिकेट की फोटो कापी लेकर उसका नाम और पता नोट कर लिया है।

इंसेट...
पहले पकड़े जा चुके हैं फर्जीबाड़े
भर्ती को लेकर सेना इस बार बेहद सतर्क है। जरा भी संदिग्ध मामलों को बेहद गंभीरता से इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि अगस्त में हुई भर्ती में कई युवाओं के फर्जी सर्टिफिकेट पकड़े गए थे। भर्ती निदेशक कर्नल राजीव ने बताया कि पिछले बार 25 युवाओं के सर्टिफिकेट फर्जी मिले, जो किसी और नाम से बनवाए गए और सत्यापन में यह फर्जी निकले। इन मामलों में युवाओं ने किसी और नाम से भर्ती की कोशिश की थी।
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