मेरठ का आदेश गुर्जर गैंग सेना में भर्ती के नाम पर लड़कों को फंसाने के लिए फौज में रहे लोगों के परिवार वालों का इस्तेमाल करता था। विवेचना के दौरान रायबरेली में आदेश गुर्जर के एक गुर्गे का नाम सामने आया है। वह लड़कों से मोटी रकम लेकर उन्हें फर्जी प्रमाण पत्र जारी कर देता था। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों से लड़कों को फंसा कर वही आदेश गुर्जर के पास मेरठ भेजता है। पता लगने पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की तो वह घर से भागकर लखनऊ में जा छिपा है। उधर क्राइम ब्रांच बरेली के उप निरीक्षक ने आदेश गुर्जर और आदित्य चौहान की गिरफ्तारी के लिए मेरठ पुलिस को हुक्म तहरीर भेज दी है।
क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक घनश्याम सिंह तिवारी ने आदेश गुर्जर के खिलाफ सुबूत जुटाने के बाद अब उसके गुर्गों को चिहिन्त करने का काम भी शुरू कर दिया है। आदेश गैंग के संबंध में रायबरेली से वह काफी जानकारी जुटा लाए हैं। मालूम हुआ है कि रायबरेली के थाना सरेनी के बखतखेड़ा गांव का रहने वाले डॉक्टर विद्याकांत लोधी के घर आदेश का आना-जाना लगा रहता है। डॉक्टर विद्याकांत का भाई फौज से रिटायर है। यह आदेश के गैंग का गुर्गा है। रायबरेली के थाना बिहार इलाके के टिसुआ गांव के रहने वाले धनबहादुर सिंह ने बताया कि विद्याकांत ने ही उसे पीलीभीत कोतवाली इलाके का निवास प्रमाण पत्र देकर सेना में भर्ती होने के लिए भेजा था। इसके बाद की हर भर्ती में वह लड़कों को फर्जी प्रमाण पत्र देता रहा है। इसके लिए वह लड़कों से मोटी रकम लेता है। छानबीन के दौरान पता चला है कि न्यू सांई कंकरखेड़ा , मेरठ में सेना के रिटायर मेजर आदित्य चौहान के घर को आदेश ने ऑफिस बनाया। इसके पीछे मास्टर माइंड आदेश की सोच यही थी कि सेना के अधिकारी के उनके गैंग में शामिल होने से लड़कों का विश्वास बढ़ेेगा। डीआईजी आरकेएस राठौर ने सेना में फर्जीवाड़े की तफ्तीशों को जिंदा तो करा दिया, लेकिन आदेश और उसके साथियों को पकड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उससे संबंधित पांच मुकदमे बरेली रेंज में दर्ज हैं। एसपी क्राइम डॉ.एसपी सिंह ने बताया कि आदेश और आदित्य के खिलाफ गिरफ्तारी के लिए मेरठ पुलिस को हुक्म तहरीर भेज दी गई है।