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वीडियो कांफ्रेंस में माइक बंद ...उद्यमियों ने ढाई घंटे बयां किया अपना दर्द मगर सीएम तक नहीं पहुंची आवाज

Tue, 22 Sep 2020 02:33 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

उद्योग बंधु की राज्य स्तरीय बैठक
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बैठक... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अफसरशाही से पार पाना मुश्किल है। खुद उद्यमियों की जुबान से औद्योगिकीकरण और निवेश की स्थिति जानने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यस्तरीय उद्योग बंधु बैठक में करीब ढाई घंटे तक मौजूद रहे लेकिन बरेली के उद्यमियों को इसके बावजूद इसका कोई लाभ नहीं मिल पाया। उद्यमियों के मुताबिक एनआईसी में वीडियो कॉन्फ्रेंस होने के बावजूद पूरी बैठक के दौरान माइक नहीं खुला लिहाजा वे अपना दर्द मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचा पाए।

एनआईसी से निकले उद्यमियों के चेहरों पर साफ मायूसी दिखाई दी। जिस मौके का इंतजार था, वह भी निरर्थक चला गया। सोमवार दोपहर 12 से ढाई बजे तक सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य स्तरीय उद्योग बंधु बैठक वीडियो कांफ्रेेंसिंग कर उद्यमियों को सुना। मकसद यही था कि सिस्टम की मनमानी से योजनाओं के लाभ से वंचित उद्यमियों की समस्याओं का पता लग पाए।

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उद्यमियों के मुताबिक तमाम मुद्दे इस बैठक में उठने थे लेकिन अफसरों ने बरेली के साथ कई और जिलों की भी समस्याओं को सीएम तक पहुंचने ही नहीं दिया और माइक सिस्टम ही लॉक कर दिया था। इसलिए राज्यस्तरीय उद्योग बंधु बैठक का फायदा बरेली वाले नहीं उठा पाए। ढाई घंटे तक एनआईसी में चली बैठक के बाद वे मायूस होकर लौट गए।

एकतरफा संवाद में निपटी बैठक

सोमवार दोपहर 12 बजे से एनआईसी में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में बरेली से आईआईए और लघु भारती के पदाधिकारी आमंत्रित किए गए थे। एसके सिंह और दिपांशु अग्रवाल उद्यमियों की विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचे थे। बैठक में प्रभारी डीएम सीएम गर्ग और संयुक्त आयुक्त उद्योग आरआर गोयल ही शामिल रहे। इन लोगों के बीच ढाई घंटे तक एकतरफा संवाद हुआ।

दो नामित पदाधिकारी ही बैठक में आमंत्रित किए गए। लैंड बैंक, जीएसटी छूट और सब्सिडी लाभ समेत कई समस्याएं उठानी थीं लेकिन माइक न खुलने अपनी बात ही नही कह पाए। किसी तरह हमने प्रदेशाध्यक्ष से संपर्क कर मामला उठाया। बरेली में रबर फैक्टरी, आईटीआर जैसे बड़े भूखंड खाली हैं। मेगाफूड पार्क पर कोई काम नहीं हो रहा है। कई कारखाने बंद है और प्लाट खाली हैं, इनका इस्तेमाल किया जाना चाहिए लेकिन यह कहना का मौका नहीं मिला। साफ है कि सिस्टम पूरी मनमानी कर रहा है। - एसके सिंह, अध्यक्ष लद्यु उद्योग भारती

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