एनआईसी से निकले उद्यमियों के चेहरों पर साफ मायूसी दिखाई दी। जिस मौके का इंतजार था, वह भी निरर्थक चला गया। सोमवार दोपहर 12 से ढाई बजे तक सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य स्तरीय उद्योग बंधु बैठक वीडियो कांफ्रेेंसिंग कर उद्यमियों को सुना। मकसद यही था कि सिस्टम की मनमानी से योजनाओं के लाभ से वंचित उद्यमियों की समस्याओं का पता लग पाए।
सोमवार दोपहर 12 बजे से एनआईसी में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में बरेली से आईआईए और लघु भारती के पदाधिकारी आमंत्रित किए गए थे। एसके सिंह और दिपांशु अग्रवाल उद्यमियों की विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचे थे। बैठक में प्रभारी डीएम सीएम गर्ग और संयुक्त आयुक्त उद्योग आरआर गोयल ही शामिल रहे। इन लोगों के बीच ढाई घंटे तक एकतरफा संवाद हुआ।
दो नामित पदाधिकारी ही बैठक में आमंत्रित किए गए। लैंड बैंक, जीएसटी छूट और सब्सिडी लाभ समेत कई समस्याएं उठानी थीं लेकिन माइक न खुलने अपनी बात ही नही कह पाए। किसी तरह हमने प्रदेशाध्यक्ष से संपर्क कर मामला उठाया। बरेली में रबर फैक्टरी, आईटीआर जैसे बड़े भूखंड खाली हैं। मेगाफूड पार्क पर कोई काम नहीं हो रहा है। कई कारखाने बंद है और प्लाट खाली हैं, इनका इस्तेमाल किया जाना चाहिए लेकिन यह कहना का मौका नहीं मिला। साफ है कि सिस्टम पूरी मनमानी कर रहा है। - एसके सिंह, अध्यक्ष लद्यु उद्योग भारती