फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विवि माइग्रेशन सर्टिफिकेट

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। माइग्रेशन सर्टिफिकेट की वजह से परीक्षा परिणाम रुकने के डर से हजारों छात्रों को अब निजात मिल जाएगी। सहायक कुलसचिव (परीक्षा) ने नई व्यवस्था के तहत परीक्षा फार्म के साथ संलग्न माइग्रेशन सर्टिफिकेट को अलग करने के निर्देश कॉलेजों को दिए हैं। माइग्रेशन सर्टिफिकेट अलग से विश्वविद्यालय में जमा करना होगा।
विज्ञापन

सहायक परीक्षा कुलसचिव सुनीता यादव की ओर से रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉलेजों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। बता दें कि दूसरे विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को रुहेलखंड विश्वविद्यालय में माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा करना होता है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा करने पर ही नामांकन होता है। इसके लिए विश्वविद्यालय में दो सौ रुपये का शुल्क जमा करना होता है। अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र परीक्षा फार्म जमा करने के दौरान माइग्रेशन सर्टिफिकेट संलग्न कर देते हैं। ठीक इसी तरह कॉलेज भी परीक्षा फार्म के साथ माइग्रेशन सर्टिफिकेट भी विश्वविद्यालय भेज देते हैं। फार्म जमा करने के बाद परीक्षा फॉर्म, माइग्रेशन सर्टिफिकेट से अलग करना पड़ता है, इस प्रक्रिया में कई बार माइग्रेशन सर्टिफिकेट खो जाता है। ऐसे में पढ़ाई पूरी होने पर जब छात्र मार्कशीट लेने आते हैं तो नामांकन न होने से मार्कशीट और डिग्री नहीं मिल पाती। ऐसे में डुप्लीकेट सर्टिफिकेट लेने के लिए छात्रों को फिर से दूसरे विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
अब यह रहेगी फार्म जमा करने की प्रक्रिया
विश्वविद्यालय के तहत संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट और परीक्षा फार्म एक साथ कॉलेजों में जमा करने होंगे मगर कॉलेजों को ये दोनों फार्म अलग अलग करने होंगे और जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय को माइग्रेशन सर्टिफिकेट अलग से जमा करना होगा। कॉलेजों को छात्र का नाम, पिता का नाम, माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने की तिथि और संलग्नक प्रारूप की दो प्रतियों में जानकारी देनी होगी। किसी छात्र का परीक्षा परिणाम नहीं रोका जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें