हाईकोर्ट के आदेश पर करीब 1600 मजदूरों को घर भेजने की तैयारी
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अब तक श्रमिकों के ट्रेनों से घर वापसी का सरकार उठा रही थी खर्च
बरेली। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले करीब 1600 मजदूरों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से प्रशासन उनके घर भेजने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह कि इन प्रवासी श्रमिकों के रेलवे टिकट का खर्च सरकार से नहीं, बल्कि ईंट-भट्ठा मालिकों से लिया जा रहा है। खनन विभाग के पास भट्ठा मालिकों से करीब आठ लाख रुपये जमा कराए जा रहे हैं। इधर, प्रशासन ने रेलवे अधिकारियों से मिलकर स्पेशल ट्रेन भेजने का इंतजाम करना शुरू कर दिया है।
ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों की अब तक जो लिस्ट आई है, उसके तहत यहां छत्तीसगढ़ के 945, बिहार के 636 और झारखंड के 19 श्रमिक काम कर रहे हैं। इन्हें बिहार और झारखंड भेजने के लिए प्रत्येक श्रमिक से 430 रुपये और छत्तीसगढ़ जाने के लिए 525 रुपये लिए जाने हैं। ईंट भट्ठा मालिकों ने इसकी लिस्ट जिला खनन अधिकारी कमल कश्यप को उपलब्ध करा दी है। सभी मजदूूूरों को उनके घर भेजने के लिए करीब आठ लाख रुपये का खर्च आंका गया है। यह धनराशि ईंट भट्ठा मालिकों से वसूली जा रही है। हालांकि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को उनके घर भेजने का खर्च पहले खुद सरकार वहन कर रही थी। एडीएम (प्रशासन) वीके सिंह का कहना है कि बरसात आने वाली है, इसलिए ईंट भट्ठे बंद हो रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर यहां काम करने वाले सभी मजदूरों को स्पेशल ट्रेन से उनके घर भेेेेेजा जा रहा है।
ईंट-भट्ठा मालिकों से श्रमिकों की सूची और उन्हें घर भेजने के लिए रेलवे टिकट का खर्च लिया जा रहा है। जल्द ही सभी मजदूरों को उनके घर भेज दिया जाएगा। - कमल कश्यप, जिला खनन अधिकारी