रंग वाले रास्तों पर न जाएं
सुब्हानी मियां ने कहा कि हर मुस्लिम की जिम्मेदारी है कि वह अपनी हिफाजत के साथ पाक व साफ कपड़ों में रहकर इबादत करे। रमजान के दौरान जुमे के दिन होली का त्योहार भी है और रंग खेलने का वक्त भी सुबह से दोपहर का है। इसलिए अपने लिबास, नमाज के कपड़ों वगैरह की पाकी, हिफाजत और सफाई का खयाल रखते हुए रंग खेलने वाले रास्तों और जगहों पर बिना जरूरत जाने से परहेज करें। महफूज जगहों पर रहकर इबादत में वक्त गुजारें। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में अपने तयशुदा वक्त पर ही नमाज़ अदा करें। जहां मिली-जुली आबादी है और मस्जिद के रास्तों में रंग खेला जा रहा हो। ऐसे हालात में अपनी सहूलियत के हिसाब से जहां जरूरत समझें मोहल्ला और मस्जिद उलमा से मशविरा करके जुमे के तयशुदा वक्त में फेरबदल कर लें।