वीडियो वायरल होने के बाद शेरगढ़ थाने में तीन नामजद समेत 13 पर रिपोर्ट
शेरगढ़। कस्बे में मामा के घर आए मानसिक मंदित युवक ने गुरुवार सुबह घरों के बाहर खड़ी कारों में नल के हत्थे से तोड़फोड़ कर दी। कार मालिक ने घर से निकलकर विरोध किया तो उन पर हमले की कोशिश की। गुस्से में कार मालिक के साथ कुछ लोगों ने युवक को बिजली के खंभे से बांधकर पिटाई कर दी। इस पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद मामला एसएसपी के संज्ञान में आया। फिर कार मालिक समेत 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
शेरगढ़ के प्रह्लादपुर निवासी नरेश नाम का युवक मानसिक मंदित है। बुधवार को वह अपने घर से नगरिया कलां में अपने मामा अंगनलाल के घर आया था। गुरुवार सुबह वहां से निकल गया। वह कस्बे के मोहल्ला डूंगरपुर में घुसा और सड़क किनारे लगे नल से हत्था निकाल लिया। फिर वह संतोष राठौर और उनके भाई राजू के दरवाजे पर पहुंचा। घर के सामने दोनो भाइयों की बोलेरो व ईको कारें खड़ी थीं। उसने नल के हत्थे से कारों के शीशों को तोड़ डाला। कारों में तोड़फोड़ की आवाज से संतोष व उसके परिवार के लोग बाहर आ गए।
इसके बाद इन लोगों ने इकट्ठा होकर नरेश को पकड़ लिया और उसके हाथ बिजली के खंभे से बांध दिए। आरोप है कि उसकी जमकर पिटाई भी की। इस पर नरेश खंभे से बंधा बड़बड़ाता रहा। कुछ लोगों ने इस घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। शुरू में पुलिस ने मामले में गौर नहीं किया मगर जब वीडियो वायरल हुआ तो एसएसपी ने जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीओ बहेड़ी ने मौका मुआयना किया। पुलिस घायल नरेश को थाने ले गई। उसके चेहरे पर चोटें थीं जिनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। उसके भाई की ओर से संतोष, गणेश पाली व विद्याराम को नामजद कर दस अज्ञात लोगों की भीड़ के खिलाफ हमले की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने संतोष को हिरासत में ले लिया है।
एक सप्ताह से बिगड़ी हालत
नरेश की मां भी घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर आ गई थीं। उन्होंने बताया कि पहले नरेश ठीक था। करीब सप्ताह भर से उसकी मानसिक स्थिति ज्यादा खराब हो गई है। उन्होंने इलाज भी कराया पर कोई फायदा नहीं हो रहा। उनके बेटे को बेरहमी से बांधकर पीटा गया है।
कार मालिक की पत्नी बोली- आत्मरक्षा में खंभे से बांधना पड़ा
संतोष की पत्नी प्रीति का कहना है कि घटना से घबराए उनके देवर राजू की हालत खराब है। वह अस्पताल में भर्ती हैं। नरेश ने उनकी कार तोड़ने के साथ ही उनके पति व देवर पर हमला भी किया, वह तो आसपास के लोगों ने उनकी जान बचा ली। नरेश को इसलिए बांधा गया कि कहीं वह किसी और पर हमला न कर दे। कार्रवाई का अंदाज होता तो ऐसा कदम कभी नहीं उठाते।
नरेश ने मानसिक मंदित होने की वजह से कारों में तोड़फोड़ कर दी। उसे पकड़कर पुलिस या परिवार को सौंपा जा सकता था मगर लोगों ने उसे खंभे से बांधकर पीट दिया। यह सरासर गलत है। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जा रही है। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात