बरेली। जब तक बेटियां चुप रहती हैं, लोग उन्हें कमजोर समझते हैं। इसलिए जितना शारीरिक रूप से मजबूत होना जरूरी है, उतनी ही जरूरत मानसिक रूप से भी मजबूत होने की है।
ये बातें अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी व प्रशिक्षक साक्षी बोरा ने सुरेश शर्मा नगर स्थित एसएसवी इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में कहीं। साक्षी व उनकी साथी नीशू भारद्वाज ने छात्राओं को अलग-अलग तरह से आत्मरक्षा के पैंतरे सिखाए। आपात स्थिति का सामना होने पर उससे निकलने के बारे में बताया।
प्रशिक्षक साक्षी ने छात्राओं को डाउन साइड व अप साइड पंच मारने के बताया। उन्होंने नियमित अभ्यास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को पंच बनाने, किक करने के बारे में भी बताया।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी साक्षी ने बताया कि यदि कोई खींचकर जमीन पर गिरा ले तो उसके दोनों कानों पर दोनों हाथों से एक साथ मारना है। इससे वह सुनने की क्षमता भी खो सकता है।
महिला शिक्षिकाओं ने भी घरेलू हिंसा से जुड़ी कई बातों पर चर्चा की। इस दौरान पल्लवी सिंह, पूर्णिमा शर्मा, कोमल मलिक, रेनू गोयल, कंचन वर्मा, विनीता सिंह, कोमल गंगवार, ज्योति सक्सेना उपस्थित रहीं।
व्यायाम ही बनाएगा मजबूत सवाल: यदि चार-पांच लोग एक साथ हमला करें तो स्वयं को कैसे बचाएं- सिद्धि, छात्रा
जवाब: सबसे पहले एक व्यक्ति ही हमला करता है। यदि एक पर ही आप ठीक से हमला कर दो तो बाकी डरने लगते हैं। इससे बचने का अवसर मिलता है।
सवाल: क्या घर पर नृत्य करना भी शारीरिक गतिविधि में आता है- वर्णिका, छात्रा
जवाब : ये आपकी कैलोरी तो नष्ट करेगा, मगर आपको मजबूत व्यायाम ही बना सकता है। ऐसे में व्यायाम जरूरी है।