फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में दो करोड़ रुपये की लागत से 17 स्मृति द्वार बनकर तैयार हो गए हैं। इन द्वारों का निर्माण वीर योद्धाओं और नामचीन हस्तियों के सम्मान तथा ऐतिहासिक व सामाजिक विरासत के संरक्षण के लिए किया गया है।
कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने कुल 18 प्रस्तावित द्वारों में से 17 का कार्य पूरा कर लिया है। प्रत्येक द्वार के निर्माण पर करीब 10.69 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। उमेदपुर भुता में सरदार वल्लभभाई पटेल स्मृति द्वार, धीरपुर गांव में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर स्मृति द्वार, ग्राम टिसुआ में सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य द्वार, ग्राम पंचायत गंगापुर डभौरा में संत गाडगे महाराज स्मृति द्वार, बरगवां में वीरांगना झलकारी बाई स्मृति द्वार बनाया गया। वहीं दियोरनिया गांव में मुख्य मार्ग पर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह लोधी स्मृति द्वार, फरीदपुर साहूकारा मोड़ पर महाराजा अग्रसेन स्मृति द्वार, पहलऊ में भूता रोड पर भगवान वाल्मिकि स्मृति द्वार, ग्राम सिसिया में गुरुद्वारे के मुख्य द्वार की ओर से वीर योद्धा लक्की शाह बंजारा, पचौनी में स्मृति द्वार, नवादावन में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर स्मृति द्वार, ग्राम फरीदपुर बरेली मुख्य मार्ग पर महाराणा प्रताप स्मृति द्वार, ग्राम पऊनगला से बुधौली मार्ग पर दिवंगत देवराज सिंह राजन बाबू स्मृति द्वार, एनएच 30 पर भगवान महर्षि कश्यप द्वार का निर्माण भी कराया गया।
इसके साथ ही शहीदों को सम्मान देने की दृष्टि से ग्राम पढ़ेरा से कादरगंज मार्ग पर शहीद आलोक पाठक द्वार और फरीदपुर स्टेशन रोड पर कैप्टन समीर सिंह स्मृति द्वार का निर्माण किया गया। रजऊ के पास एनएच 30 पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति द्वार का निर्माण अभी नहीं पूरा हुआ है। अधिशासी अभियंता विनय कुमार शर्मा ने बताया कि कुल वीर योद्धाओं व ऐतिहासिक पुरुषों के नाम पर 18 स्मृति द्वार बनाने हैं, जिसमें 17 पूर्ण कर लिए गए हैं।