समाजवादी पार्टी में चाचा भतीजे के बीच चल रहे महाभारत पर सपाईयों की नजरें लगी रहीं। लखनऊ में चाचा भतीजे के बीच आरोप प्रत्यारोप की खबरों को टीवी और मोबाइल पर देखकर शाम तक सपा के पदाधिकारी से लेकर आम कार्यकर्ता तक उदास रहे। पल-पल नए कयास लगते रहे। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की मीटिंग में सीएम के नई पार्टी न बनाने के ऐलान के बाद सपाईयों की जान में जान आई। विधायकों का कहना था कि लंबे समय तक चले पारिवारिक विवाद से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मजबूत होकर उभरे हैं। जनता पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की लखनऊ में सुबह चली मीटिंग का हाल टीवी चैनल पल-पल बता रहे थे। सपा के मिशन कंपाउंड दफ्तर के महानगर कक्ष में पार्टी कार्यकर्ता मोबाइल पर चैनल बदल बदलकर देख रहे थे कि क्या फैसला होता है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाषण का जब सपाईयों ने ये अंश सुना कि मैं नई पार्टी क्यों बनाऊंगा। नेताजी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया। बाद में प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का भाषण भी सपाईयों ने गौर से सुना। आरोप-प्रत्यारोप के बीच ये फौरी तौर पर सपाईयों ये मान लिया कि अब पार्टी टूटेगी नहीं।
उधर, सपा के चारो विधायक सियाराम सागर, भगवतसरन, अताउर्रहमान और शहजिल इस्लाम के अलावा पूर्व विधायक इस्लाम साबिर भी लखनऊ में थे। सपा विधायकों ने पारिवारिक झगड़ा सुलझने की उम्मीद जताते हुए कहा कि पार्टी में चीजें धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। नेताजी सब ठीक कर देंगे क्योंकि वह सर्वेसर्वा हैं। उनकी बात कोई काट नहीं सकता। सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव का मोबाइल पूरे दिन स्विच ऑफ रहा। पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव ने पारिवारिक झगड़े पर कोई टिप्पणी नहीं की। सपा के महानगर अध्यक्ष जफरबेग, जिला महासचिव संजीव यादव, डीसीबी चेयरमैन मलखान सिंह यादव, पार्षद अशोक यादव, जमुना प्रसाद मौर्य आदि लखनऊ से वापस आ गए। सबने एक स्वर से कहा कि नेताजी ने झगड़ा काफी हद तक सुलझा लिया है। अब पूरी पार्टी एक होकर विधानसभा चुनाव की तैयारी करेगी।
किसने क्या कहा---
मैं नेताजी और सीएम साहब दोनों की मीटिंग में था। चीजें काफी हद तक सुलझ चुकी हैं। चुनाव में अखिलेश यादव ही पार्टी का चेहरा होंगे। विवाद से अखिलेश यादव मजबूत होकर उभरे हैं। जनता में उनकी छवि न झुकने वाले प्रशासक की बनी है। अताउर्रहमान, विधायक बहेड़ी
नेताजी की मीटिंग में मुख्यमंत्री और उनके चाचा के बीच माइक छीनने की जो घटना हुई। वह दुर्भाग्यपूर्ण थी। हम सब पारिवारिक विवाद सुलझने का इंतजार कर रहे हैं। पूरी पार्टी एकजुट रहेगी। सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। सियाराम सागर, विधायक फरीदपुर
बड़े नेताओं का पारिवारिक मसला था। अब सब कुछ ठीक हो चुका है। जब मन में आक्रोश होता है तो ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। नेताजी झगड़े को सुलझाने में सक्षम हैं। किसी भी परिस्थिति में मुख्यमंत्री के न झुकने का फायदा सपा को चुनावों में मिलेगा। भगवतसरन गंगवार, विधायक नवाबगंज
सीएम साहब ने मुझे और पापा (इस्लामसाबिर) को बुलाया था। मेरे सामने सैफई के प्रधान सीएम साहब को समझाने आए थे। नेताजी की मीटिंग में भी मेरा नाम लिया। अब दोनों में समझौता हो चुका है। तीन नवंबर को रथयात्रा शुरू होनी है। मुझे उसमें साथ रहना है। शहजिल इस्लाम, विधायक भोजीपुरा