कोर्ट ने बिना अनुमति देश से बाहर जाने पर लगाई रोक
बरेली। पुलिस की नाकामी की वजह से कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सा उपकरणों की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी के आरोपी मेहता सर्जिकल्स के मालिकान को भी अदालत से शुक्रवार को अग्रिम जमानत मिल गई। हालांकि अदालत ने जमानत मंजूर करने के साथ आरोपियों के बगैर अनुुमति देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी है।
एसडीएम सदर विशु राजा और औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने 12 मई को डीडीपुरम में मेहता सर्जिकल्स पर छापा मारा था। उस दौरान फर्म के मालिक गोदाम के संचालन के दस्तावेज और लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके। निरीक्षण के दौरान वहां तमाम सर्जिकल उपकरण, मास्क, पीपीई किट, सैनिटाइजर आदि बरामद हुए। इस मामले में 13 मई को औषधि निरीक्षक की ओर से धोखाधड़ी, आवश्यक वस्तु अधिनियम और महामारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने इस मुकदमे में अजय मेहता, उसकी पत्नी सोनिका मेहता, बेटा सुशांत मेहता के अलावा भाई सुनील मेहता और उसकी पत्नी, बेटे को नामजद किया।
इस मामले में अजय मेहता और उसकी पत्नी सोनिका मेहता ने कोर्ट में अंतरित जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान अजय के अधिवक्ता लवलेश पाठक ने पक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान हाईकोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक सात साल तक के दंडनीय अपराध में बंद कैदियों को मुचलके पर छोड़ने का निर्देश है। इस स्थिति में इन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने से उनकी जान को खतरा हो सकता है। इस पर जिला जज उमेश चंद्र पांडेय ने दोनों अभियुक्तों को कुछ शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दे दी।
पुलिस करेगी गिरफ्तार तो भी देनी होगी जमानत
अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि यदि पुलिस अभियुक्तों को इस मामले में गिरफ्तार करती भी है तो एक लाख रुपये के मुचलके और दो जमानती पेश करने पर उन्हें फौरन रिहा किया जाएगा। यह भी कहा गया है कि अभियुक्तगण को जब भी विवचेना अधिकारी बुलाएंगे, उन्हें हाजिर होना पड़ेगा और कोर्ट की बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।
क्राइम ब्रांच भी नाकाम
प्रेमनगर पुलिस जब अजय मेहता की गिरफ्तारी में नाकाम रही तो एसएसपी ने मुकदमा क्राइम ब्रांच ट्रांसफर कर दिया। साथ ही उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का समय दिया लेकिन क्राइम ब्रांच इसमें नाकाम रही।