बरेली। हावड़ा-योगनगरी ऋषिकेश के बीच चलने वाली 13009 दून एक्सप्रेस में ह्रदयाघात से हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के गांव धमादारी निवासी भूपेंद्र शर्मा (62) की मौत हो गई। ट्रेन के लखनऊ से चलने के बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत और सीने में दर्द की शिकायत पर कंट्रोल रूम को सूचना दी गई थी। ट्रेन शाहजहांपुर पहुंची, लेकिन यहां चिकित्सा स्टाफ ही उपलब्ध नहीं हो सका। बरेली आने पर यात्री को ट्रेन से उतारा गया। चिकित्सा टीम ने जांच की तो पता लगा कि करीब दो घंटे पहले मौत हो चकी है।
दून एक्सप्रेस के कोच नंबर बी-2 की बर्थ नंबर 57, 58 और 63 पर भूपेंद्र शर्मा पत्नी ऊषा देवी और रिश्तेदार रमेश चंद्र शर्मा के साथ रविवार रात यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के लखनऊ से चलने के कुछ देर के बाद ही भूपेंद्र शर्मा को सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत होने लगी। परिवार वालों ने कोच अटेंडेंट को इस बारे में बताया।
कोच अटेंडेंट ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को शाहजहांपुर में रोकर यात्री को प्राथमिक चिकित्सा देने का मेसेज दिया गया। ट्रेन एक घंटे की देरी से रविवार रात 9:45 बजे शाहजहांपुर पहुंची। यहां चिकित्सा स्टाफ ही नहीं मिला। शाहजहांपुर से चलने के बाद ट्रेन रात 11:45 बजे बरेली जंक्शन आई।
यहां चिकित्सा टीम ने जीआरपी की मदद से यात्री को ट्रेन से उतारा। जांच की तो पता लगा कि यात्री की मौत कम से कम दो घंटे पहले हो चुकी है। डॉक्टर ने प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण ह्रदयाघात बताया है। परिवार वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। सोमवार को वह शव लेकर गांव के लिए रवाना हो गए।
शाहजहांपुर पहुंचने से पहले ही मौत की संभावना
रेलवे अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत ने बताया कि ट्रेन के बरेली पहुंचने से दो घंटे पहले यात्री की मौत हो चुकी थी। शाहजहांपुर से बरेली आने में करीब सवा घंटे का समय लगता है, ऐसे में संभावना है कि शाहजहांपुर आने से पहले ही यात्री की मौत हो गई होगी। संवाद