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लॉकडाउन में भी गुलजार हैं मेडिकल हब ‘रामपुर गार्डन’ की सड़कें

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बरेली के रामपुर गार्डेन क्षेत्र में क्रिकेट खेलते युवा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। लॉकडाउन के दौरान जहां एक तरफ शहर के मुख्य मार्ग व बाजार सुनसान पड़े हैं, वहीं मेडिकल हब कहे जाने वाले ‘रामपुर गार्डन’ की सड़कें हर रोज गुलजार रहती हैं। कभी अस्पतालों में आने वाले मरीज तो कभी मेडिकल स्टोरों पर दवा लेने खड़े लोग यहां नजर आते रहते हैं। सूरज ढलते ही यहां लोग परिवार के साथ सैर सपाटा करते भी नजर आते हैं। रिहाइशी इलाका होने के चलते पुलिस की लाठी की धमक भी यहां धीमी रहती है। घनी आबादी वाले इलाकों में कार्रवाई होती है, लेकिन रिहाइशी इलाकों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
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कोरोना वायरस की महामारी फैलने के बाद देश में लॉकडाउन लागू है। शासन प्रशासन लगातार लोगों से घरों में रहकर खुद व अपने परिवार के लोगों को सुरक्षित रहने की अपील कर रहा है, लेकिन शहर के कुछ घनी आबादी वाले इलाकों में लोग लगातार लॉकडाउन व सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। पुलिस इन पर कार्रवाई करती है, लेकिन रिहाइशी इलाकों को नजरअंदाज कर देती है। लॉकडाउन के दौरान शहर का मेडिकल हब कहे जाने वाले रामपुर गार्डन की सड़कें सुबह से रात तक गुलजार रहती हैं। रामपुर गार्डन में बरेली कॉलेज रोड से लेकर विकास भवन रोड और महिला थाना से लेकर गांधी उद्यान तक करीब 35-40 अस्पताल हैं। इनसे कुछ ही ज्यादा यहां मेडिकल स्टोर हैं। इसके अलावा तमाम प्रोविजन स्टोर, विद्युत उपखंड व अन्य कार्यालय भी यहां हैं।
सुबह से लेकर शाम तक यहां सड़कों पर मरीजों को लेकर आ रहीं एंबुलेंस, तीमारदारों व अन्य लोगों की गाड़ियां सड़कों पर घूमती नजर आती हैं। मेडिकल स्टोरों व दुकानों पर भी भीड़-भाड़ रहती है, लेकिन शाम का नजारा देखते ही बनता है। शाम होते ही सड़कों पर बच्चे आम दिनों की तरह साइकिल चलाते, क्रिकेट, बैडमिंटन व अन्य गेम खेलते नजर आते हैं। वहीं महिलाएं व पुरुष भी सैर सपाटा करते और पालतू जानवर को घुमाते दिखते हैं। यहां ताज्जुब की बात यह रहती है कि अधिकांश लोगों के चेहरे पर न तो मास्क होता है और ना हीं उनके पास कोई अन्य कोई सुरक्षा उपकरण।
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गुलजार सड़कों के बीच मैला पड़ा अग्रसेन पार्क
रामपुर बाग में ही स्थित अग्रसेन पार्क में इन दिनों सुनसान है। यहां गेट पर ताला लटका हुआ है। पार्क के अंदर घास काफी बड़ी हो चुकी है, सूखे पत्ते जहां-तहां बिखरे पड़े हैं। करीब एक महीने के लॉकडाउन के बाद गुलजार सड़कों के बीच बना अग्रसेन पार्क मैला हो चुका है।
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