बहेड़ी इलाके में हेपेटाइटिस सी से मंगलवार को एक और व्यक्ति की मौत हो गई। पहले भी दो भाइयों समेत दर्जन भर लोग इस रोग के शिकार हो चुके हैं। उत्तराखंड से सटे बहेड़ी इलाके के करीब तीन दर्जन गांव हेपेटाइटिस सी रोग की चपेट में हैं। जहां दर्जनों लोग बीमार चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने हेपेटाइसिट सी का इलाज महंगा बताकर हाथ खड़े कर लिए हैं।
बंजरिया गांव के 24 वर्षीय महिपाल छह महीने से बीमार था। खून टेस्ट कराने पर डॉक्टरों ने हेपेटाइटिस सी रोग बताया था। चार दिन पहले तबियत ज्यादा खराब होने पर उसे किच्छा (उत्तराखंड) एक प्राइवेट डॉक्टर के पास ले जाया गया। वहां से उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया। यहां एक प्राइवेट अस्पताल में मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। दो महीने पहले भी बंजरिया गांव के ही रामप्रसाद की हेपेटाइटिस सी से मौत हो गई थी।
पांच साल से उत्तराखंड से सटे गांवों में हेपेटाइटिस सी का प्रकोप है। करीब दो साल पहले लखनऊ से आई एक टीम ने लोगों के ब्लड सैंपल लिए थे। टीम ने जांच के बाद पाया कि इलाके के 70 प्रतिशत लोग हेपोटाइटिस सी से ग्रसित हैं। इसके बावजूद प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे हेपेटाइटिस से बचाव के लिए कुछ नहीं किया।
हेपेटाइसिट से इनकी हो चुकी है मौत
बंजरिया गांव के रामप्रसाद, करीमगंज के रईस अहमद, उनके भाई लईक अहमद, हरसूनगला के गुरुनान सिंह, गुलड़िया भवानी गांव के जरनैल सिंह आदि।
ये हैं हेपेटाइसिट सी के रोगी
रईस, लईक और गुरनान सिंह की पत्नी और बच्चे। बंजरिया गांव की रेखा, बहीपुर गांव के प्रधान जरनैल सिंह और उनकी बेटी सर्वजीत कौर, मनुआपट्टी गांव के मंजीत सिंह, फाजलपुर गांव के प्रधान शेरसिंह, हरसूनगला के बख्शीश सिंह, वहीं की रजविंदर सिंह कौर, सतेंद्र सिंह, दलविंदर सिंह, बहीपुर गांव के पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह, वहीं के गुरमीत सिंह आदि।
शुरू में ये होती है दिक्कत
भूख न लगना, थकान, शरीर में ऐंठन के साथ दर्द, आंखों में जलन होना और बुखार आना।
कोट
हमारे पास ऐसी कोई वैक्सीन नहीं है, जिससे मरीजों का इलाज या बीमारी की रोकथाम की जा सके। हेपेटाइटिस सी का इलाज मंहगा है। यह इस्तेमाल की सिरिंज के दोबारा प्रयाग करने और एक से अधिक महिला के संपर्क में आने से फैलता है।
डॉ. केसी जोशी, सीएचसी प्रभारी बहेड़ी
हेपेटाइटिस सी के बारे में पहले भी पता चला था। इस संबंध में आला अफसरों और स्वास्थ्य विभाग को लिखा जाएगा।
रामेश्वर नाथ तिवारी, एसडीएम बहेड़ी