इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित तीसरे दीक्षांत समारोह में विभिन्न कोर्स के टॉपर्स छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। 32 कोर्स में 1306 को डिग्रियां प्रदान की गईं। प्रत्येक कोर्स में गोल्ड, सिल्वर और कांस्य पदक प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री मानव संसाधन विकास मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय और इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. उमेश गौतम ने इन कोर्स के 96 मेधावी छात्रों को मेडल प्रदान किए, जिसमें 32 स्वर्ण, 32 सिल्वर और इतने ही कांस्य के पदक शामिल हैं। मेडल पाकर छात्रों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बीटेक में मेकेनिकल, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिविल, बीटेक बायोटेक्नोलॉजी, आर्किटेेक्चर के अलावा एमसीए, एलएलएम, बीए, एलएलबी, बीजेएमसी, एमबीए, बीबीए, बीबीए, एमएससी फिजिक्स, एमएससी केमिस्ट्री, एमएससी गणित, बीएससी फिजिक्स, बीएससी केमिस्ट्री, बीएससी गणित, बी फार्मा, एम फार्मा, इंजीनियरिंग के पांच डिप्लोमा कोर्स के छात्र शामिल हैं।
मेडल प्रदान करने के बाद मुख्य अतिथि राज्य मंत्री मानव संसाधन विकास मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय ने छात्रों को संबोधित किया। कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार निरंतर कारगर कदम उठा रही है। दुनिया में आज सबसे ज्यादा छात्र संख्या वाला दूसरा देश भारत हैं। हमारे युवा पूरी दुनिया में धाक जमाए हुए हैं। उन्होंने अपनी बातों में पिछली सरकारों पर निशाना साधा। कहा कि सरकारों ने उदासीनता से शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। डिग्री पाने वाले छात्रों को कहा, वह देश के भविष्य हैं और उसको संवारने की जिम्मेदारी इन्हीं पर है।
बीएल एग्रो के एमडी घनश्याम खंडेलवाल ने मानद उपाधि प्राप्त करने के बाद छात्रों को संबोधित किया। कहा, यह उपाधि मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है, जिन छात्र-छात्राओं को यह डिग्रियां मिलीं हैं वह इसका महत्व समझें और देश व समाज के विकास में जुट जाएं।
अभिनेता जैकी श्रॉफ ने अपने अंदाज में छात्रों को संबोधित किया। कहा, विडु...मैं तो 11वीं पास हूं, डॉक्टरेट की उपाधि बहुत बड़ी चीज हैं। ईश्वर ने जो दिया है उसका महत्व समझो और देश और समाज के विकास के लिए जी तोड़ मेहनत में जुट जाओ। इस मौके पर सोनल गौतम, कुलपति जगदीश राय, प्रो. वीसी डॉ. वाईडीएस आर्या, रजिस्ट्रार संतोष कुमार, डीन इंजीनियरिंग आरके शुक्ला, डीन मैनेजमेंट मनीष शुक्ला, एडमिन आईपी मिश्रा, चीफ प्राक्टर अजय इंडियन मौजूद रहे।
अभिनेता जैकी श्रॉफ समेत
छह हस्तियों को मानद उपाधि
दीक्षांत समारोह के मौके पर कुलाधिपति डॉ. उमेश गौतम ने फिल्म, क्रिकेट और उद्योग की दुनिया के छह लोगों को मानद उपाधि से नवाजा। इसमें फिल्म अभिनेता जैकी श्रॉफ, अपने जमाने ही बेहतरीन अभिनेत्री रहीं अरुणा ईरानी को डॉक्टर ऑफ आर्ट्स, 1990 के दशक में मीडियम पेसर बॉलर रहे चेतन शर्मा, पहला टी-20 वर्ल्ड कप जिताने में अहम योगदान निभाने वाले आरपी सिंह को डॉक्टर ऑफ लेटर इन दि फील्ड ऑफ स्पोर्ट्स में मानद उपाधि प्रदान की। इसके अलावा उद्यमिता में बीएल एग्रो के एमडी घनश्याम खंडेलवाल को डॉक्टर ऑफ लेटर की उपाधि प्रदान की।
जिसकी छाया में रहें उस पेड़
को कभी काटना मत: जैकी
अपने जमाने में जैकी दादा के नाम से पुकारे जाने वाले फिल्म अभिनेता जैकी श्राफ का कहना है कि माता-पिता एक पेड़ की तरह हैं, इस पेड़ को कभी काटना मत। माता-पिता की अहमियत बताने के लिए उन्होंने एक शेर कहा, पेड़ काटने आए थे, कुछ लोग मेरे गांव में, धूप बहुत है कहकर बैठ गए उसी की छांव में। पढ़ लिखकर बड़ा आदमी बनना पर पुराने चावलों को मत भूलना। जैकी श्रॉफ ने बताया कि वह ऐसे बीज एकत्र करते हैं जिनमें पेस्टीसाइड का प्रयोग नहीं होता। बच्चों को उसकी खासियत बताते हैं। बरेली को लेकर कहा कि यहां बहुत अच्छा लगा। सोनू निगम के सवाल पर उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
जावेद मियां दाद का छक्का
आज भी कचोड़ता है: चेतन
अपने जमाने के मीडियम पेसर बॉलर रहे चेतन शर्मा को आज भी जावेद मियांदाद का वो छक्का कचोड़ता है जो उनकी आखिरी गेंद पर पड़ा था। उन्होंने बताया कि मैच के बाद जब वह दिल्ली लौटे तो उनके मेंटर कपिल देव ने उनको समझाया। जिदंगी में उतार चढ़ाव आते हैं पर कभी उनसे डरना नहीं चाहिए। अपने आर्थिक हालातों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि उस जमाने में जूते खरीदने के लिए पैसे नहीं होते थे। पच्चीस पच्चीस पैसे जमा करते थे। 17 साल की उम्र में उनको इंडिया टीम से खेलने का मौका मिला। उनका कहना है कि मेहनत करो तो हर सपना पूरा हो सकता है। पहले टेस्ट में उनको सुनील गावस्कर के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिला था। आज वह आईपीएल में उनके साथ कामेंट्री करते हैं। आईपीएल के सवाल पर बोले कि युवाओं को अच्छा प्लेटफार्म मिला है।
दिक्कत अजान या आरती से नहीं,
लाउडस्पीकर से है : अरुणा ईरानी
सोनू निगम के लाउड स्पीकर पर आए ट्वीट से पैदा हुए बवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुणा ईरानी बोलीं, सुबह अजान, मंदिर की आरती के अलावा तेज आवाज में कोई गीत भी बजा दिया जाएगा तो परेशानी होगी ही। सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को उन्होंने गलत करार दिया। उनका कहना है कि सोनू की बात को लोगों ने गलत तरीके से प्रस्तुत किया। बेटा फिल्म के लिए सहायक अभिनेत्री का फिल्म फेयर पुरस्कार पाने वाली अरुणा ईरानी कहती हैं कि आज बेटा फिल्म बनाई जाए तो वे अनिल कपूर की जगह युवा अभिनेता वरुण धवन को अपना बेटा बनाना चाहेंगी। गरीबी के कारण आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ देने वाली अरुणा ने कहा कि बरेली जैसे विकास की ओर बढ़ रहे शहर के लिए ऐसे विश्वविद्यालय एक पुरस्कार हैं। पहली बार बरेली आईं अरुणा ने प्रचलित गीत ‘झुमका गिरा रे .. बरेली की बाजार में’ को याद करते हुए बड़े उत्साह में कहा कि वह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अब बरेली से लौट रहीं है पर उनके दोनों झुमके सलामत हैं (कानों में पहने झुमकों की ओर इशारा करते हुए)।
कुछ बनने के लिए जुनून जरूरी: आरपी सिंह
भारतीय क्रिकेट टीम में गेंदबाजी की जान रहे और प्रथम टी-20 वर्ल्ड कप में जीतने में अहम भूमिका निभाने वाले रायबरेली के आरपी सिंह ने कहा कि कोई भी क्षेत्र हो कामयाबी केवल मेहनत और जुनून से ही मिलती है। खेल के दौरान उनको अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने का मौका नहीं मिला। छात्रों से कहा कि जो मौका मिला है उसको हाथ से न जाने दो। जो लक्ष्य निर्धारित किया है उसको हासिल करने में जी जान लगा दो।