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तंत्र क्रिया के लिए बेचे जा रहे थे बंदर, दो गिरफ्तार

Sun, 15 Oct 2017 01:18 AM IST
बरेली।
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‌िपपिजरे में बंद बंदर
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नगर निगम शहर में उत्पात मचा रहे जिन बंदरों को ठेकेदार के जरिये पकड़वा रहा है, उन्हीं बंदरों को ठेकेदार के आदमी शनिवार को तंत्र क्रिया के लिए बेचते हुए पकड़े गए। इस धंधे का पीपुल्स फॉर एनिमल (पीएफए) के सदस्यों ने खुलासा किया है। शनिवार को पीएफए ने बंदर के एक बच्चे का चार हजार रुपये में सौदा करने का वीडियो बनाकर पुलिस को सौंपा। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने बिहारीपुर की गिहारबस्ती में छापामारी कर पिंजड़ों में बंद 38 बंदरों को छुड़ाया। बाद में वन विभाग ने बंदरों को रामगंगा के पास जंगल में छुड़वा दिया। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। 
पीएफए के सदस्यों को सूचना मिली कि नगर निगम से बंदरों को पकड़ने का ठेका लेने वाला वन्य जीव संरक्षण संस्थान  उनका सौदा कर रहा है। शनिवार को पीएफए सदस्य धीरज पाठक ने गिहार बस्ती के राकेश और सुशील से संपर्क किया और उनसे बंदर का एक बच्चा खरीदने की बात कही। चार हजार रुपये में सौदा तय हो गया। धीरज ने इसका वीडियो बनाकर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस राकेश और सुशील को पकड़कर कोतवाली ले आई। बंदरों को पकड़कर बेचने की खबर पर वन विभाग की टीम भी पहुंच गई। इसके बाद गिहारबस्ती में छापा मारकर पिंजड़ों में कैद 38 बंदर मुक्त कराए गए। शनिवार देर शाम वन विभाग ने रामगंगा के पास जंगल में बंदर छुड़वा दिए। 
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पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट
कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल के मुताबिक मामले की पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए दोनों लोग जिस राकेश नाम के ठेकेदार के लिए काम करते हैं, वह नगर निगम का पत्र लेकर थाने आया था। ठेकेदार ने यह तो माना कि पकड़े गए दोनों लोग उसके लिए काम करते हैं लेकिन उसने बंदर बेचने के आरोपों से इंकार किया है। मामले की नगर निगम के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है। 

तंत्र क्रिया में होता है बंदर की खोपड़ी का इस्तेमाल 
पीएफए के पदाधिकारियों ने बताया कि बंदर के सिर का तांत्रिक तंत्र क्रिया में इस्तेमाल करते हैं। लिहाजा इसके लिए मुंहमांगेे दामों पर बंदर खरीदे जाते हैं। इसके अलावा लोग पालने और मदारी खेल-तमाशा दिखाने के लिए भी बंदर के बच्चों को खरीदते हैं। पीएफए के कार्यकर्ताओं का कहना है कि ठेके की शर्तों के मुताबिक जब बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाना है तो तो उनका सौदा क्यों किया जा रहा है। 
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जांच कराएगा नगर निगम
नगर निगम की ओर से बंदर पकड़कर जंगल में छोड़ने का ठेका राकेश के वन्य जीव संरक्षण संस्थान को दिया गया है। ठेकेदार के लोगों द्वारा बंदर पकड़कर बेचने के मामले की जांच कराई जाएगी। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई है।
- ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त 
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