सभासदों की शिकायत पर पहुंची टीम, बार-बार बुलाने पर भी नहीं पहुंचे शिकायतकर्ता
बहेड़ी। कस्बे के नारायण नगला रोड स्थित धोबी तालाब पर कब्जे होने और पूर्व में की गई पैमाइश में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत कुछ सभासदों ने मंगलवार को डीएम से की थी। डीएम ने एडीएम न्यायिक और एसडीएम आंवला को जांच अधिकारी बनाते हुए भेजा। नक्शे के अनुसार पैमाइश की गई। अब जिले के अभिलेखागार से पुराने रिकॉर्ड मंगाकर खंगाला जाएगा। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इससे कब्जेदारों में हलचल रही।
सभासद सुगरा बेगम, शाकरा आदि ने डीएम को शिकायती पत्र देते हुए बताया था कि धोबी तालाब के रकबे पर अवैध कब्जे हो गए हैं। तालाब के पुराने अस्तित्व को बदलकर कब्जे कर भवन बनाए जा रहे हैं, जबकि इसकी कीमत कई करोड़ रुपये हैं। नगर पालिका प्रशासन इसको बचाने के लिए कोई पहल नहीं कर रहा है। आरोप लगाया था कि पूर्व में की गई पैमाइश में गड़बड़ी करते हुए कुछ लोगों को गलत तरीके से तालाब के रकबे में से सड़क किनारे जमीन निकाल दी गई है।
डीएम अविनाश कुमार सिंह ने एडीएम न्यायिक देश दीपक, आंवला की एसडीएम विदुषी सिंह को जांच अधिकारी बनाते हुए तालाब की पैमाइश कर शिकायत का निस्तारण करने के आदेश दिए। दोनों अधिकारी तहसीलदार भानु प्रताप आदि के साथ पहुंचे। मौके पर पैमाइश की गई।
पुराने अभिलेख की जांच से कब्जेदारों के नाम आएंगे सामने
एडीएम न्यायिक देश दीपक ने बरेली के रिकॉर्ड रूम से धोबी तालाब, शेखूपुर के पुराने अभिलेख तलब किए हैं। अधिकारियों को शक है चकबंदी के बाद इसमें कुछ कास्तकारों के नाम दर्ज किए गए होंगे। इसलिए पुराने रिकॉर्ड से मिलान होने के बाद असलियत सामने आएगी।
तीन बार भेजा गया नोटिस
पैमाइशन के दौरान टीम ने पाया कि तालाब के आसपास लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। कुछ लोगों ने भवन भी बना लिए हैं। इस पर नगर पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक ने दोनों अधिकारियों को बताया कि अब्दुल सलाम, इख्तियार, अतिक उर रहमान, मैना, जमील अहमद, मुन्नी, नबी अहमद व एक अन्य के द्वारा तालाब की जमीन पर कब्जा पाया गया था। इनको तीन बार नोटिस भी दिए गए। अब इनके खिलाफ एसडीएम न्यायालय में कार्रवाई की गई है।
शिकायतकर्ताओं को कई बार फोन करके बुलाया गया, लेकिन उन्होंने मौके पर आने से मना कर दिया। मौके पर पैमाइश की गई है। बरेली के रिकॉर्ड रूम से पुराने अभिलेख तलब किए गए हैं।
- देश दीपक, एडीएम न्यायिक, बरेली