उमेश गौतम की दूसरी पारी
उमेश गौतम का यह लगातार दूसरा कार्यकाल है। ऐसे में संसाधन और काम समझने जैसी दिक्कतें उनके सामने नहीं होंगी। पहले पांच साल तक शहर की तमाम समस्याओं को बखूबी समझने और दूर करने के प्रयास के बाद अब उन्हें जड़ से खत्म करने का दबाव रहेगा।
हालांकि शहर को शासन की मंशा के अनुरूप स्मार्ट बनाने की दिशा में उनके सामने चुनौतियां तमाम हैं। मगर सबसे पहले सड़कों से अतिक्रमण हटवाने, बेतरतीब यातायात को सुधरवाने और बाकरगंज से कूड़े के पहाड़ को हटवाने की दरकार है।