बरेली। मेयर डॉ. उमेश गौतम ने विकास कार्यों के मामले में नगर निगम के अफसरों को कठघरे में खड़ा किया है। उन पर छवि धूमिल करने के लिए महत्वपूर्ण काम कराने में भी हीलाहवाली करने का आरोप लगाया है। कहा, विकास कार्यों के अति महत्व के 45 प्रस्तावों पर आठ महीने बाद भी टेंडर नहीं किए गए हैं।
मेयर ने इस बाबत नगर आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि पिछले साल दिसंबर में 45 विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए गए थे। इन पर जल्द से जल्द टेंडर करके काम शुरू कराने को कहा गया था, लेकिन आठ महीने बीत जाने के बाद भी टेंडर नहीं हो सके हैं। बीच-बीच में भी कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया। इससे नगर निगम की छवि धूमिल हो रही है। सड़क, नाली, खड़ंजा निर्माण आदि के कार्यों के यह प्रस्ताव जनता की निरंतर मांग पर तैयार कराए गए थे।
70 से अधिक विकास कार्यों के टेंडर नहीं हुए
नगर निगम की ओर से नगर निगम निधि और अवस्थापना निधि से होने वाले 70 से अधिक विकास कार्यों के टेंडर होने थे, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। वहीं दूसरी ओर नगर निगम के चुनाव नजदीक आ रहे हैं। ऐसे में आचार संहिता लगी तो यह सभी कार्य अटक जाएंगे। पार्षदों को भी इसकी चिंता सता रही है कि उनके प्रस्तावों पर काम नहीं हुआ तो वे जनता को क्या जवाब देंगे।