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Bareilly News: सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें नैनीताल और दिल्ली हाईवे पर

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लखनऊ, मथुरा और पीलीभीत हाईवे पर भी 135 लोगों ने गंवाई जान
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बरेली। सफर के लिहाज से नैनीताल और दिल्ली हाईवे सबसे ज्यादा खतरनाक हैं। यहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। हादसों में तीसरे नंबर पर बरेली-लखनऊ हाईवे और चौथे पर बरेली-पीलीभीत हाईवे है। एक जनवरी से 20 दिसंबर तक जिले में हुईं 1127 सड़क दुर्घटनाओं में 507 लोग जान गवां चुके हैं। 782 लोग घायल और 381 गंभीर घायल भी हुए।
इंटिग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटा बेस (आईराड) की रिपोर्ट के अनुसार नैनीताल हाईवे पर सबसे ज्यादा हादसे भोजीपुरा और दिल्ली हाईवे पर फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में हुए। नैनीताल हाईवे पर भोजीपुरा थाना क्षेत्र में 86 हादसों में 38 लोगों की जान गई। इज्जतनगर में 64 हादसों में 30, देवरनियां में 48 सड़क हादसों में 29 और बहेड़ी थाना क्षेत्र में 67 सड़क हादसों में 38 लोगों की जान गई।
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दिल्ली हाईवे पर 20 दिसंबर तक 84 लोगों की हादसों में मौत हुई। फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में 57 सड़क हादसों में 47, किला में 16 हादसों में तीन, सीबीगंज में 40 हादसों में 17 और मीरगंज थाना क्षेत्र में हुए 41 सड़क हादसों में 16 लोगों की जान गई।
लखनऊ हाईवे पर फरीदपुर थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा 64 सड़क हादसों में 31 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा कैंट में 41 हादसों में 10, बिथरी चैनपुर में 50 हादसों में 27 और फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र में हुए 24 हादसों में 16 की जान चली गई। बरेली-मथुरा हाईवे पर सुभाषनगर थाना क्षेत्र में 26 हादसों में पांच और भमोरा क्षेत्र में 60 हादसों में 26 लोगों की मौत हुई।
पीलीभीत हाईवे पर बारादरी थाना क्षेत्र में 53 हादसों में 10, हाफिजगंज में 51 हादसों में 18 और नवाबगंज में 53 हादसों में 17 की जान गवां बैठे। संवाद


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थानावार हादसों की स्थिति 20 दिसंबर तक
राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) से मिले आंकड़ों के अनुसार अलीगंज थाना क्षेत्र में 15 हादसों में 10, भुता में 51 हादसों में 24, आंवला में 49 हादसों में 23, कोतवाली क्षेत्र में 29 हादसों में दो, क्योलड़िया में 18 हादसों में नौ, शाही में 35 हादसों में 15, शीशगढ़ में 23 हादसों में 15, शेरगढ़ में 18 हादसों में 11, सिरौली में 23 हादसों में 14 और बिशारतगंज में 11 हादसों में सात लोगों की जान चली गई। बिशारतगंज और प्रेमनगर थाना क्षेत्रों में हादसे तो हुए, लेकिन किसी की जान नहीं गई।
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तेज रफ्तार बड़ा कारण
परिवहन विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली और नैनीताल हाईवे पर तेज रफ्तार हादसों का सबसे बड़ा कारण है। उत्तराखंड से मौरंग व गिट्टी लेकर आने वाले भारी वाहनों की वजह से नैनीताल हाईवे पर हादसों का खतरा रहता है। दिल्ली हाईवे पर गड्ढे भी हादसों की वजह बनते हैं। संवाद
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