इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने घर-घर तिरंगा योजना पर तीखे कटाक्ष किए हैं। कहा, वह झंडे के नाम पर धंधे की मुखालफत करते हैं। यह नहीं समझ पा रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या चाहते हैं। अब क्या सरकार झंडा बेचेगी। ऐसे में वे लोग क्या करेंगे जो खास मौकों पर झंडे बेचकर कुछ पैसे कमा लिया करते थे।
मौलाना ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि ये झंडे कौन लोग बना रहे हैं। किसे ठेका दिया गया है। जो बना रहे हैं, वे किसके माध्यम से बना रहे हैं। यह सब बातें साफ होनी चाहिए। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि यह सब देश प्रेम की भावना पैदा करने के लिए नहीं किया जा रहा, बल्कि जनता का दोहन करने की एक स्कीम है।
वह हुकूमत से पूछना चाहते हैं कि अगर इसका मकसद देश प्रेम की भावना पैदा करना है तो उन्हें यह कहना चाहिए था कि लोग अपना झंडा तैयार करें। आजादी की 75वीं वर्षगांठ को बड़े पैमाने पर मनाया जाना चाहिए, लेकिन वह इसे धंधा बनाने की कोशिश की मुखालफत करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर देश के हित में वाकई कुछ अच्छा करना चाहते हैं तो अपने दो दोस्तों की संपत्ति को अधिग्रहीत कर राष्ट्र के लिए समर्पित कर दें।