बरेली। दिल्ली तक पैदल तिरंगा यात्रा पर रोक लगाने के बाद आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने तीखा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि अघोषित इमरजेंसी लागू कर दी गई है। बताया कि वक्त मिला तो 20 मार्च को राष्ट्रपति से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे।
इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि उनकी तिरंगा यात्रा देश के मुसलमानों पर हो रहे जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश थी। यात्रा को रोकना गलत कदम था। यह इस बात का प्रतीक है कि देश भर के मुसलमानों के खिलाफ केंद्र सरकार ने अघोषित इमरजेंसी लागू कर दी है। एक तरफ नफरत और जुल्म बढ़ते जा रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार ने आरोपियों पर कार्रवाई की जगह मौन धारण कर लिया है।
मौलाना ने कहा कि सत्ता की ताकत से हमारी आवाज को दबाया जा रहा है। तिरंगा यात्रा को सभी धर्म और जाति के लोगों का सहयोग मिल रहा था, जिनको वह धन्यवाद देते हैं। कहा कि राष्ट्रपति को पत्र भेजकर 20 मार्च को ज्ञापन लेने के लिए समय देने का आग्रह किया है। यदि समय मिलता है तो प्रतिनिधिमंडल महामहिम के समक्ष अपनी फरियाद रखेगा।
मौलाना के आवास से हटाए पुलिसकर्मी
आईएमसी प्रवक्ता डॉ. नफीस खान, मुहम्मद नदीम खान, मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी को भी मौलाना तौकीर के साथ नजरबंद किया गया था। बुधवार शाम ही डीएम के निर्देश पर नजरबंदी खत्म कर दी गई थी। इसके बाद मौलाना तौकीर के घर से पुलिसकर्मी बाहर आ गए थे। बृहस्पतिवार सुबह घर के बाहर से भी पुलिस हटा ली गई। हालांकि दरगाह इलाके में पुलिस की चहलकदमी बरकरार है।