बरेली। जिले की तीन चीनी मिलों पर किसानों का 279 करोड़ 85 लाख 50 हजार रुपये बकाया हैं। किसी किसान को बेटे की शादी करनी तो किसी को अगली फसल की बुआई के लिए खाद और बीज खरीदना है, लेकिन चीनी मिलें बकाया नहीं दे रहीं। देरी के चलते कर्ज लेने की मजबूरी है। इस बीच मिलों ने अप्रैल में पेराई सत्र समाप्त करने का एलान किया है। अहम बात यह है कि पेराई सत्र खत्म करने की तारीख तो तीनों चीनी मिलों ने प्रस्तावित कर दी हैं, लेकिन भुगतान कब तक करेंगे यह नहीं अवगत कराया।
जिले में पांच चीनी मिले हैं। फरीदपुर की द्वारिकेष चीनी मिल और मीरगंज की धामपुर शुगर मिल ने शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। तीन चीनी मिलों में बहेड़ी की केसर शुगर मिल, नवाबगंज की ओसवाल ओवरसीज लिमिटेड और सेमीखेड़ा स्थित किसान सहकारी चीनी मिल किसानों को समय पर भुगतान नहीं दे रहे हैं। किसानों ने बार बार यह मुद्दा किसान दिवस में उठाया है लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
किस चीनी मिल पर कितना है बकाया
चीनी मिल का नाम बकाया धनराशि कब तक का किया भुगतान
केसर शुगर मिल बहेड़ी 17085.18 रुपये 16 दिसंबर 2022
नवाबगंज की ओसवाल ओवरसीज लिमिटेड 8078.85 रुपये 17 दिसंबर 2022
सेमीखेड़ा की सहकारिता चीनी मिल 2821.47 रुपये 19 जनवरी 2023
(कुल 74.18 प्रतिशत भुगतान हुआ)भुगतान के नियम का नहीं हो रहा पालन
कोट-
भुगतान के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया गया है। जैसे जैसे चीनी बिक रही है वैसे वैसे भुगतान कराया जा रहा है। पेराई सत्र अप्रैल में खत्म करने की जानकारी चीनी मिलों ने दी है लेकिन मिलें तब तक चलेंगी जब तक क्षेत्र में गन्ना है। - यशपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी