आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा और उनके समर्थक बुधवार को इस्लामिया मैदान में धरना देने पर अड़े हैं। पुलिस ने प्रदेश में हाई अलर्ट, चुनाव आचार संहिता और कोविड प्रोटोकॉल का हवाला देकर बिना अनुमति कुछ नहीं होने की बात कहकर उनके संगठन के चार पदाधिकारियों को नोटिस दिया है।
वार्ता का दौर चल रहा है, सहमति नहीं बनने पर नजरबंदी या अन्य कार्रवाई की जा सकती है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खां की ओर से मंगलवार शाम फिर अपना बयान दोहराया गया कि संविधान की रक्षा और जुल्म के खिलाफ इस्लामिया मैदान में धरना दिया जाएगा।
उनका कहना है कि प्रशासन को धरने की सूचना भेजी जा चुकी है। इस बीच पुलिस ने आईएमसी से जुड़े डॉ. नफीस खान, मुनीर, नदीम खान और मुफ्ती एहशान उल हक चतुर्वेदी को नोटिस दिया है। उन्हें बताया गया है कि फिलहाल की स्थिति में धरना संभव नहीं है।
इससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इस बीच पुलिस और खुफिया अमले के अधिकारियों की आईएमसी पदाधिकारियों के साथ बैठक भी हुई। देर रात तक सहमति बनने की बात कही जा रही है। लखनऊ से बरेली के घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन के अधिकारी लगातार मुख्यालय को रिपोर्ट कर रहे हैं।
प्रेसवार्ता से पहले नोटिस चस्पा करने से फंसा पेंच
सोमवार को मौलाना तौकीर रजा की प्रेसवार्ता से पहले आईएमसी के प्रवक्ता मुनीर इदरीशी के आवास पर नोटिस चस्पा करने से पेच फंस गया है। इसमें सीओ प्रथम श्वेता यादव की ओर से प्रेसवार्ता न करने का आग्रह किया गया था। इसके बावजूद प्रेसवार्ता में मौलाना ने सीएम पर ही निशाना साधकर तीखी बातें कह दीं। ऐसे में पुलिस-प्रशासन को कानूनी कार्रवाई के लिए आधार मिल गया है।
प्रदेश संगठन प्रभारी ने किया धरने में पहुंचने का आह्वान
पांच दिन बाद दिल्ली से बरेली लौटे आईएमसी के प्रदेश संगठन प्रभारी नदीम कुरैशी ने संगठन प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खां के आह्वान पर प्रदेशवासियों से 19 अप्रैल की दोपहर 12 बजे शहर के इस्लामिया ग्राउंड पहुंचने की अपील की है। कहा कि देश में मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। सरकारें आंखें मूंदकर बैठी हैं। हिंदू संगठनों के गुंडे मुसलमानों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। ऐसे में अपनी ताकत दिखाने की जरूरत है।