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UP: मौलाना रजवी ने महिला आरक्षण बिल का किया स्वागत, मुस्लिम महिलाओं को सियासत से दूर रहने की दी सलाह

Wed, 15 Apr 2026 05:00 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी ने महिला आरक्षण बिल में संशोधन का स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को सियासत से दूर रहने की सलाह दी है। 
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मौलाना शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला आरक्षण बिल ('नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) में संशोधन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आधी आबादी को बराबरी पर लाने का काम कर रहे हैं, जो एक अच्छी पहल है। हालांकि, मौलाना ने मुस्लिम महिलाओं को आज की राजनीति से दूर रहने का मशवरा दिया है।

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मौलाना रजवी ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि 2029 के लोकसभा चुनाव में अधिक महिलाएं चुनकर संसद पहुंचें। उनका मानना है कि इससे महिलाओं का नेतृत्व उभर कर सामने आएगा। मौलाना ने बताया कि उनसे बहुत सारे मुस्लिम नौजवान और मुस्लिम महिलाएं सवाल कर रही हैं। वे जानना चाहती हैं कि मुस्लिम महिलाओं का सियासत में जाना कैसा है। इस पर उन्होंने अपनी मुस्लिम बहनों को बताया कि कल की सियासत और आज की सियासत में जमीन-आसमान का फर्क है। आज की सियासत छल-कपट का जाल है। यह दलदल जमीन की तरह है। सियासी मैदान में महिलाओं को इज्जत, सम्मान और विकार नहीं मिल सकता। इसके साथ ही बेपर्दागी भी होगी।

इस्लाम और सियासत पर मौलाना की राय
मौलाना ने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को घर की जीनत करार दिया है। उनकी रक्षा, सुरक्षा और सम्मान के नजरिए से इस्लाम इस तरह की सियासत से रोकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुस्लिम महिलाओं को आज की सियासत से दूर रहना चाहिए।

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आरक्षण के बावजूद मुस्लिम महिलाओं को सलाह
मौलाना ने बताया कि महिला आरक्षण बिल में संशोधन के बाद 33 फीसदी आरक्षण लागू किया जाएगा। इस आरक्षण से कोई भी महिला फायदा उठा सकती है, चुनाव लड़ सकती है और सियासी मैदान में नेतृत्व कर सकती है। मगर मौलाना ने जोर देकर कहा कि मुस्लिम महिलाएं इस अवसर के बावजूद आज की सियासत से दूर रहें तो ज्यादा बेहतर है।

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