उन्होंने बताया कि फलस्तीन के शहर गाजा में इस्राइल द्वारा बमबारी से हजारों लोगों की जाने जा चुकी है। पूरा शहर खंडहर बन चुका है, जिसकी तस्वीरों को दुनिया देख रही है। उन्होंने कहा कि इस्राइल को ये सब ज्यादती करने का मौका कट्टरपंथी हमास ने दिया। अगर हमास इस्राइल के नागरिकों को बंधक नहीं बनाता तो ये दिन देखने को नहीं मिलते।
'कट्टर सोच की नुमाइंदगी करता है हमास'
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि कटृरपंथी संगठन हमास इस्लाम की नहीं बल्कि एक कट्टर और राजनीतिक सोच की नुमाइंदगी करता है। यह सोच सूफ़ी परंपरा की मोहब्बत और अमन से कोसों दूर है। फ़लस्तीन के मुद्दे का असली हल शांति, संवाद और राजनीतिक प्रक्रिया के रास्ते से ही संभव है। उलमा ने आगे कहा कि भारत और फलस्तीन के रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं, जब से गाजा में इस्राइल से जंग शुरू हुई, तो मानवीय आधार पर सबसे पहले भारत सरकार ने राहत सामग्री गाजा के लिए भेजी।