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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बोले: मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा में जो कहा, उस पर चिंतन करें मुसलमान

Tue, 17 Dec 2024 07:30 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि देश में सदियों से सभी धर्मों के लोग अमन व शांति के साथ रहते आए हैं। मस्जिदों व दरगाहों के सामने से हिंदुओं के जुलूस निकलते रहे हैं और भविष्य में भी निकलते रहेंगे। 
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधानसभा में दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी। मौलाना ने कहा कि मुसलमानों के धार्मिक नेता, उलमा और मां-बाप को चिंतन करने की जरूरत है कि कौन सी ऐसी परिस्थितियां आ गईं हैं कि मुख्यमंत्री ये कह रहे हैं कि मुस्लिम बहुल इलाकों या मस्जिद के सामने से हिंदुओं की शोभायात्रा क्यों नहीं निकल सकती। जुलूसों में भगवा झंडा क्यों न लगे, धार्मिक संगीत क्यों न बजे। मुख्यमंत्री ने मुहर्रम के जुलूसों का भी जिक्र किया है।

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मौलाना ने कहा कि यही हिंदू और मुसलमान थे जिन्होंने एक साथ मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ कई जंगें लड़ीं। हर जंग में भारत के मुसलमानों ने पाकिस्तान के खिलाफ खुलकर आवाज बुलंद की। वीर अब्दुल हमीद ने पाकिस्तानी फौज के 16 टैंक तोड़े थे। मिसाइलमैन डॉक्टर एपीजी अब्दुल कलाम जैसे मुसलमानों की सराहना कोई नहीं करता है। देश के साथ वफादारी में मुसलमानों का जिक्र कोई नहीं करता। अगर किसी नौजवान से कोई गलती हो गई तो उस गलती को पूरी कौम पर थोप दिया जाता है, जबकि गलतियां हर समुदाय में रहने वाले किसी न किसी व्यक्ति से हो जाती हैं।

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अपने जज्बात पर काबू रखें युवा
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि देश में सदियों से सभी धर्मों के लोग अमन व शांति के साथ रहते आए हैं। मस्जिदों व दरगाहों के सामने से हिंदुओं के जुलूस निकलते रहे हैं और भविष्य में भी निकलते रहेंगे। इसी तरह मठ और मंदिरों के सामने से मुसलमानों के जुलूस निकलते रहे हैं और निकलते रहेंगे। दोनों संप्रदाय के युवा अपने जज्बात पर काबू रखें। ये देश हिंदू मुस्लिम भाईचारा से बना है, दोनों समुदाय का आपस में अटूट रिश्ता है जो सदियों से चला आ रहा है। कुछ देश विरोधी विदेशी ताकतें देश को कमजोर करना चाहती हैं। उनसे लड़ाई लड़ना, उनके खिलाफ उठ खड़े होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

मौलाना ने आगे कहा कि देश में कुछ लोग मुस्लिम बादशाह बाबर व अकबर का नाम लेकर मुसलमानों को इनकी वंशज बताते हैं। ऐसे लोगों को बताना चहता हूं कि मुसलमान बाबर व अकबर का पैरोकार नहीं है और न ही इन मुस्लिम बादशाहों को अपना धर्म गुरु या रहनुमा मानता है। मुसलमानों के रहनुमा व आदर्श ख्वाजा गरीब नवाज और आला हजरत हैं।
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