अपने जज्बात पर काबू रखें युवा
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि देश में सदियों से सभी धर्मों के लोग अमन व शांति के साथ रहते आए हैं। मस्जिदों व दरगाहों के सामने से हिंदुओं के जुलूस निकलते रहे हैं और भविष्य में भी निकलते रहेंगे। इसी तरह मठ और मंदिरों के सामने से मुसलमानों के जुलूस निकलते रहे हैं और निकलते रहेंगे। दोनों संप्रदाय के युवा अपने जज्बात पर काबू रखें। ये देश हिंदू मुस्लिम भाईचारा से बना है, दोनों समुदाय का आपस में अटूट रिश्ता है जो सदियों से चला आ रहा है। कुछ देश विरोधी विदेशी ताकतें देश को कमजोर करना चाहती हैं। उनसे लड़ाई लड़ना, उनके खिलाफ उठ खड़े होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
मौलाना ने आगे कहा कि देश में कुछ लोग मुस्लिम बादशाह बाबर व अकबर का नाम लेकर मुसलमानों को इनकी वंशज बताते हैं। ऐसे लोगों को बताना चहता हूं कि मुसलमान बाबर व अकबर का पैरोकार नहीं है और न ही इन मुस्लिम बादशाहों को अपना धर्म गुरु या रहनुमा मानता है। मुसलमानों के रहनुमा व आदर्श ख्वाजा गरीब नवाज और आला हजरत हैं।