जो नकली होता है, वही करता है फर्क- मौलाना
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि यह फर्क करना है कि असली और नकली कौन है। जो नकली होता है, वही फर्क करता है। वह शोर मचाकर ढोल बजाकर फर्क करता है। असली लोग खामोश रहते हैं। धीरेंद्र शास्त्री कैसे तय करते हैं कि असली और नकली कौन है। भारत में जितने भी मुसलमान हैं, वह शरीयत और इस्लाम के वसूलों पर सख्ती से अमल करते हैं। विदेश के मुसलमान इतनी शरीयत की पाबंदी नहीं करते हैं। यह बात धीरेंद्र शात्री को चुभती है और उनके दिलो-दिमाग को खटकती है।