पहले भी दे चुके हैं बयान
यूसीसी के विरोध में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी पहले भी बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि समान नागरिक संहिता लागू करने का मतलब है सीधे तौर पर शरीयत में हस्तक्षेप करना। यह मुसलमानों को मंजूर नहीं है। इससे सामाजिक ताना-बाना बिगड़ेगा। उत्तराखंड सरकार इसे लागू करने की तैयारी कर रही है। यह शरीयत में सीधे तौर पर दखल है।