मौलाना ने पहले दिया था ये बयान
बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा था कि इस्लाम में रोजा को फर्ज करार दिया है। अगर कोई जान-बूझकर रोजा नहीं रखता है तो वह गुनाहगार है। ऐसा ही क्रिकेटर मोहम्मद शमी ने किया, उन्होंने रोजा नहीं रखा। रोजा न रखकर मोहम्मद शमी ने बहुत बड़ा गुनाह किया। शरीयत की नजर में वह मुजरिम हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। शरीयत की नजर में वह अपराधी हैं। उन्हें खुदा को जवाब देना होगा। मौलाना के इस बयान के बाद बहस छिड़ गई थी। तमाम लोगों ने मौलाना के बयान का विरोध किया था।