बरेली। दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन आल इंडिया जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी को सुरक्षा मिल गई है। बकौल मौलाना, पीएफआई के खिलाफ बोलने पर उन्हें जबान काटने की धमकी दी गई थी। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है।
लखनऊ में अपनी मां का इलाज करा रहे मौलाना शहाबुद्दीन ने बृहस्पतिवार को अफसरों को व्हाट्सएप और ट्विटर पर धमकी मिलने की सूचना दी थी। शुक्रवार को लखनऊ से लौटे मौलाना शहाबुद्दीन ने अपने साथियों के साथ पुलिस ऑफिस पहुंचकर एसएसपी को बताया कि कट्टरपंथी विचारधारा के खिलाफ आवाज बुलंद करने पर बृहस्पतिवार दोपहर 3:42 बजे कथित रूप से शाहीन बाग निवासी अब्दुल समद ने उन्हें फोन कर जबान काटने और वजूद मिटा देने की धमकी दी है। उदयपुर के कन्हैया लाल हत्याकांड के खिलाफ फतवा देने पर भी उनके पास धमकी भरे फोन आए थे।
एसएसपी ने कोतवाली पुलिस से मौलाना की सुरक्षा के लिए एक सिपाही और होमगार्ड उपलब्ध कराने का आदेश दिया। इसके साथ कोतवाली में धमकी दिए जाने की रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है। एसएसपी ने सीओ और एलआईयू से भी रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में मौलाना को खतरा होने की पुष्टि पर पुलिस लाइन से सशस्त्र सुरक्षा मुहैया कराई जा सकती है।
मौलाना शहाबुद्दीन को सुरक्षा के लिए थाना स्तर से एक सिपाही और होमगार्ड दिए गए हैं। रिपोर्ट के बाद पुलिस लाइन से सिक्योरिटी मुहैया कराई जाएगी। इस मामले में धमकी देने वाले मुकदमा भी दर्ज किया गया है। - अखिलेश चौरसिया, एसएसपी