बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित गणित ओलंपियाड परीक्षा बृहस्पतिवार को अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हुई। प्रश्नपत्र में जहां कई सवाल भ्रामक या गलत थे, वहीं अंग्रेजी माध्यम वाले स्कूलों में भी हिंदी का प्रश्नपत्र भेज दिया गया। इसके चलते विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों को भी परेशानी हुई।
सुबह आठ बजे परीक्षा शुरू होने के बावजूद उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों को केवल एक ही प्रश्नपत्र दिया गया। शिक्षकों को इन 30 सवालों वाले पेपर को ब्लैकबोर्ड पर उतारने में काफी समय लगा, इससे बच्चों का कीमती समय बर्बाद हुआ। स्कूलों को उत्तर पुस्तिकाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गईं।कई विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों ने स्वयं कॉपियां बच्चों को दीं।
शिक्षकों और विशेषज्ञों के अनुसार प्रश्नपत्र में कई सवाल गलत या भ्रामक थे। कुछ प्रमुख सवालों पर आपत्तियां उठाई गई हैं। छठे प्रश्न में समलंब त्रिभुज के बारे में पूछा गया था, जबकि गणित में समलंब त्रिभुज जैसा कोई शब्द नहीं होता है। समलंब एक चतुर्भुज होता है, न कि त्रिभुज।
एक अन्य सवाल मेंचार बजकर 20 मिनट पर घड़ी की सुइयों के बीच बनने वाले कोण के बारे में पूछा गया। इसके विकल्प में 50, 60, 70 या 80 डिग्री दिया गया है, जबकि इसका सही उत्तर 10 डिग्री होता है। ऐसे कई अन्य प्रश्न भी गलत पूछे गए या उनके विकल्प गलत दिए गए। संवाद
प्रश्नपत्र में कुछ गलत सवाल आने की शिकायत मिली है। इसके जांच के निर्देश दिए गए है। अब विशेषज्ञों से प्रश्नपत्र की जांच कराई जाएगी। - संजय सिंह, बीएसए