बरेली। गुणवत्तापूर्ण जीवन के लिए गणित सबसे अहम है। तकनीक का होना भी जरूरी है, जोकि सिर्फ गणित पर ही निर्भर करता है। ये बातें मुख्य अतिथि थाईलैंड की थम्मासैट विवि से प्रो. वुतिफोल सिंटुनावरत ने एसआरएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित ‘विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में गणित और इसके अनुप्रयोग’ विषय के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कहीं।
सम्मेलन का शुक्रवार को आगाज हुआ। इसमें विश्वविख्यात गणितज्ञों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन हिस्सा लेकर व्याख्यान दिया। तकनीकी सत्र में 51 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। उद्घाटन सत्र में ट्रस्ट के संस्थापक देव मूर्ति ने गणित से दूर भागने की नई पीढ़ी की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। संयोजक डॉ. कमलेंद्र कुमार ने कहा कि आयोजन पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, पांडिचेरी विश्वविद्यालय व एसआरएमएस की ओर से कराया जा रहा है।
सम्मेलन में पंजाब केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. राघवेंद्र तिवारी, उप संयोजक डॉ. दीप सिंह, पांडिचेरी विवि के कुलपति प्रो. के थारानिकरसुप्रो व पांडिचेरी विश्वविद्यालय से डॉ. पंकज शर्मा वर्चुअल रूप से शामिल हुए। सीईटी के प्राचार्य प्रो. प्रभाकर गुप्ता ने गणित को इंजीनियरिंग की आत्मा बताया।
शोधपत्र पर दिया व्याख्यान
गणितज्ञ प्रो. प्रेयरी व्यू ए एंड एम यूनिवर्सिटी (अमेरिका) से अली अकबर, ब्रातिस्लावा कमेनियस यूनिवर्सिटी (स्लोवाकिया) से प्रो. मिशेल फेक्कन, यूनिवर्सिटी डेस एंटिल्स (फ्रांस) से प्रो. जीएम मोफू, पांडिचेरी विवि से प्रो. राजेश्वरी शेषाद्री और मद्रास विवि से प्रो. के कालीराज ने अपने शोध पत्र पर व्याख्यान दिया। संचालन साक्षी गोयल ने किया। इस दौरान हिमाचल विवि से डॉ. शालिनी गुप्ता, इंजीनियर सुभाष मेहरा, डॉ. एलएस मौर्य, डॉ. एमएस बुटोला, डॉ. मुत्थु महेश्वरी, डॉ. अनुज कुमार मौजूद रहे। संवाद