- अनटैप्ड नालों, वेटलैंड, रोपित पौधों की सुरक्षा संंबधी डीएम ने तलब की रिपोर्ट
बरेली। रामगंगा नदी में गिर रहे नालों का दूषित पानी शोधित है या नहीं? कितने नाले एसटीपी से जुड़े हैं और कितने अनटैप्ड हैं? इसकी रिपोर्ट डीएम ने संबंधित अफसरों से मांगी है। सीबीगंज वन क्षेत्र में उद्योगों से बहाए जा रहे दूषित पानी के संबंध में जांच के लिए टीम गठित की है।
सोमवार को विकास भवन में जिला पर्यावरण समिति, जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति की बैठक में ये डीएम रविंद्र कुमार ने वर्ष 2025 में महाकुंभ के दृष्टिगत क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नगर निगम, जल निगम से समन्वय कर सर्वे रिपोर्ट तैयार कर सूची उपलब्ध कराने को कहा है। नरियावल में सड़क किनारे पड़े ठोस अपशिष्ट निस्तारण, सेटेलाइट बस अड्डे के पास कूड़ा जलाने पर अंकुश लगाने, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया, मुरादाबाद द्वारा चिह्नित 275 वेटलैंड के भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
टिसुआ चौराहे पर चौधरी ढाबा के पास बर्तन फैक्टरी, रजा प्लास्टिक कंपनी, टॉफी फैक्टरी से दूषित जल, ठोस अपशिष्ट बहाने पर पीसीबी को कार्रवाई के निर्देश दिए। सुपीरियर इंडस्ट्रीज से वन क्षेत्र में दूषित जल प्रवाहित होने पर तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांच के निर्देश दिए हैं। अमर उजाला ब्यूरो