भारत बंद का आह्वान शहर में बेअसर रहा। सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के निर्णय के पक्ष में बंद कराने के लिए सवर्ण और व्यापारी संगठनों ने जोर लगाया, लेकिन व्यापारियों का सहयोग नहीं मिला। बंद के आह्वान के बावजूद पूरा बाजार खुला रहा, हालांकि खुफिया इकाइयों के बवाल की आशंका जताए जाने के कारण पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विभिन्न संगठन सड़कों पर उतरे, लेकिन कहीं उग्र प्रदर्शन होने की सूचना नहीं आई।
एससी एसटी एक्ट में बदलाव के बाद सूबे में भड़की हिंसा के बाद पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को भारत बंद के दौरान कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया था। सिविल लाइंस हनुमान मंदिर के पास भारत बंद समर्थक इकट्ठे हुए। काफी संख्या इनमें व्यापारियों की भी थी। एसएसपी जोगेंद्र कुमार और एसपी सिटी रोहित सिंह सजवाण भी यहां पहुंचे। व्यापारियों से बातचीत करने के बाद प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने के लिए कहा गया। करीब साढ़े बारह बजे यहां से प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़े। कलेक्ट्रेट पर भी भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था। कलेक्ट्रेट गेट पर नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद भारत बंद समर्थकों ने डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन किया।
भारतीय राष्ट्रवादी समानता पार्टी के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में भारतीय राष्ट्रवादी समानता पार्टी, सिख समाज, समाज सेवा समिति, हिंदू समाज कल्याण समिति, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, हिंदू महासभा, अखिल विश्व गायत्री परिवार, सेंट्रल गुरुपर्व कमेटी, क्षत्रीय सभा, कायस्थ सभा, राष्ट्र जागरुक युवा संगठन, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, राष्ट्र जागरण युवा सहित दर्जनों संगठनों के लोग शामिल हुए।