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पार्षदों के कई सवाल,क्या कर दिया नगर निगम का हाल 

Sun, 26 Mar 2017 01:02 AM IST
बरेली।  
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Many questions of councilors, what is the situation of Municipal Corporation - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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शहर की सफाई व्यवस्था हो या फिर बिजली पर खर्च का मामला। निर्माण का मसला हो या फिर सदन की कार्यप्रणाली का शनिवार को पार्षद तमाम मसलों पर हमलावर नजर आए।   बोर्ड बैठक में हर मोर्चे पर मेयर और नगर आयुक्त  निशाने पर रहे। सवाल पर सवाल होते रहे लेकिन अधिकारियों के पास अधिकतर के कोई जवाब ही नहीं थे। सबसे अहम सवाल बोर्ड की बैठक बुलाने का रहा क्योंकि पिछली बैठक को बोर्ड के 40 पार्षदाें ने अपूर्ण माना था। इसका जवाब भी मेयर नहीं दे सके। दो घंटे की बैठक  हवाहवाई बातों में बीत गई । 
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क्यों डाल रहे हैं जनता पर भार 
सपा पार्षद दल के नेता राजेश अग्रवाल ने कहा कि टैक्स जमा करने वाले करदाताओं से दो साल पुरानी रिकवरी क्यों की जा रही है, जबकि उन्होंने समय से अपना कर जमा कर दिया है। नगर आयुक्त ने बताया कि जो लोग टैक्स जमा कर चुके हैं उनसे ब्याज नहीं ले रहे हैं। निगम को सलाह देने वाले वकील को सदन में पेश करने की मांग की गई तो नगर आयुक्त ने इसे अव्यवहारिक बता कर बात काट दी। 

स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट पर खानापूरी 
नगर निगम में रेट्रोफिटिंग के लिए बनाए गए प्रस्ताव पर सदन के सदस्याें की अनुमति चाहिए थी। 29 मार्च की विशेष बैठक प्रस्तावित थी। पार्षद राजेश अग्रवाल ने आपत्ति जताई कि विशेष बैठक सिर्फ एक प्रस्ताव के लिए आती है दो के लिए नहीं, जबकि प्रस्ताव दो लगे थे। ऐसे में स्मार्ट सिटी जरूरी था तो इसे प्रत्याशा में पास किया गया। 
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मेयर को बैठक निरस्त करने का अधिकार नहीं
पार्षद बबलू खान ने कहा कि 28 दिसंबर 2016 की बैठक अपूर्ण थी। 40 पार्षदाें ने उस बैठक को अपूर्ण मानकर कमिश्नर को ज्ञापन दिया है। नए एजेंडे के साथ बैठक कैसे बुला ली गई। मेयर बोले कि बैठक निरस्त की गई थी, पार्षद ने कहा किसने निरस्त की। मेयर बोले, मैंने। तो बबलू बोले 7 में 3 प्रस्ताव अधूरे थे, आपको निरस्त का अधिकार किसने दिया। मेयर बोल पड़े कि स्थगित की गई थी। इस पर पार्षद ने टोक दिया, अभी तो आप निरस्त कह रहे थे। मेयर  बोल नहीं पाए।  मेयर ने कहा कि ठीक है बैठक नहीं होगी, तभी सभी पार्षद चिल्लाने लगे। फिर किसी तरह बैठक आगे बढ़ी। 

पीडब्ल्यूडी की सड़क 4 करोड़ क्यों लगाए
पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि 14वां वित्त आयोग के पैसे से चौपुला से अयूब खां तक सुंदरीकरण का काम कैसे हो सकता है। काम करीब 4 करोड़ का है जबकि आयोग की धनराशि 14 करोड़ है।  आठ माह से चार करोड़ का काम चल रहा है और यह पूरा भी नहीं हुआ। जलभराव की समस्या भी है। मुख्य अभियंता सूरजपाल बोले कि सड़क पर काम एनजीटी और कोर्ट की गाइडलाइन के तहत हो रहा है। इस पर पार्षदाें ने घेर लिया, कहा कि सड़क पीडब्ल्यूडी की है और काम निगम क्यों कराएं। सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। कोई जवाब सूरजपाल नहीं दे सके।
 
सफाई हो नहीं रही है और बजट बढ़ा रहे हैं 
पुनरीक्षित बजट में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी और उनकी टीम पर बजट बढ़ा दिया गया है। पहले यह 67 लाख 9 हजार था अब इसे एक करोड़ 30 लाख कर दिया गया। भाजपा पार्षद दल के नेता विकास शर्मा ने कहा कि शहर की सफाई चौपट है और बजट बढ़ाया जा रहा है। आखिर टीम काम क्या कर रही है। इसका कोई संतोषजनक जवाब लेखाधिकारी हृदय नारायण नहीं दे पाए।  
एलईडी लाइट से कैसे बढ़ रहा बिजली बिल
पार्षद विकास शर्मा, विपुल लाला ने कहा कि एलईडी लाइट पर इतना खर्चा हो रहा है तो बिल घटना चाहिए लेकिन निगम बिजली बिल का खर्च बढ़ रहा है। पिछले साल खर्च 4 करोड़ था, इस बार यह बढ़ाकर 8 करोड़ 50 लाख कर दिया गया है। लेखाधिकारी हृदयनारायण ने माना कि एलईडी से करेंट कम हुआ है लेकिन खर्च बढ़ गया है। क्यों हुआ, इसका जवाब न मेयर दे सके न नगर आयुक्त और न अधिकारी। 
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