बरेली। प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के साथ 58 तालाबों को जीवनदान मिलेगा और इसके साथ जल संरक्षण का मकसद भी पूरा होगा। तहसील प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में 50 उन तालाबों को चिह्नित किया है, जो मिट्टी डालकर पाट दिए गए हैं या फिर उन पर दूसरे किस्म का कब्जा है। बारिश से पहले इन सभी तालाबों की खुदाई करने का लक्ष्य तय किया गया है।
लॉकडाउन में घर लौटे मजदूरों को रोजगार देने के लिए तहसील प्रशासन ने तालाबों का पुनर्जीवित करने की योजना तैयार की है। इसमें घंघोरा-घंघौरी, लखमपुर, मोहम्मदपुर ठाकुरान, वोहित, परधौली, अटा कायस्थान, करमपुर ठाकुरान, लटूरी, आसपुर पीतमराय, परातासपुर, मल्हपुर, कुंवरपुर बंजरिया, कीरतपुर, सावरखेड़ा, तिलियापुर, ऐना, दीदार पट्टी, मल्हपु, पचदौराकलां सहित कई गांवों में 58 तालाबों को चिह्नित किया गया है। इसमें उनके आगे रकबे का ब्योरा भी दर्ज है। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि इन सभी तालाबों का मनरेगा के तहत कायाकल्प होगा। इससे सैकड़ों मजदूरों को काम मिलने के साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सकेगा।