मनौना गांव में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। गांव में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित है। बावजूद गांव में स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाया और न ही एंटी लार्वा की दवा का छिड़काव कराया। कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम आई, लेकिन खानापूरी कर चली गई।
ग्रामीण इकरार, साहिल फैजान ने बताया कि गांव में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब है। जगह-जगह जलभराव, गोबर के ढेर लगे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जल निकासी न होने की वजह से मच्छरों का लार्वा पनप रहा है। शिकायत के बाद भी जल निकासी के इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से गांव में बड़ी संख्या में लोग बुखार से तप रहे हैं। हर घर में कोई न कोई बुखार से पीड़ित है।
सैकड़ों लोग बीमार
ग्रामीणों ने मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी दी है, लेकिन अब तक टीम गांव नहीं पहुंची है। एंटी लार्वा का छिड़काव और साफ-सफाई भी ठप है। ग्राम प्रधान के परिवार के ही काफी सदस्य बुखार से पीड़ित हैं, जिनका कस्बे के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इल्मा, इकरार, विलकीस, जरीना, अलशिफा, सबीना, हशमुददीन, नेत्रपाल सिंह, मनीषा, रुचि कुमारी, मोरपाल लोधी सहित सैकड़ों लोग परेशान हैं।
कई मरीजों का आंवला व बरेली में चल रहा इलाज
कोटेदार शिवम चौहान उर्फ रिंकू ने बताया कि परिवार के कई सदस्यों को पिछले दिनों बुखार आया था। सभी को कस्बे के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गांव के अधिकांश घरों में बुखार के मरीज मौजूद हैं। कइयों का इलाज आंवला व बरेली के अस्पतालों में चल रहा है। मो. उमर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम कुछ दिनों पहले आई थी। खानापूरी करके चली गई। मच्छरों का प्रकोप बढ़ा हुआ है। कई लोग बाहर इलाज करा रहे हैं। संवाद
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गांव में लगातार साफ सफाई का काम जारी है और छिड़काव भी कराया जा रहा है। गांव में बढ़ते बुखार के मरीजों की जानकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को दे दी गई है।
मुंत्याज, ग्राम प्रधान पति
आज से ही हमारा दस्तक अभियान शुरू हुआ है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से जानकारी ले रहीं हैं। गांव में फैले बुखार की जानकारी संज्ञान में आई है। जल्द ही कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर दवाई दी जाएगी।
- डॉ. सुनील कुमार, चिकित्सा अधीक्षक आंवला
जहां बुखार के मरीज मिल रहे हैं, वहां शिविर लगाकर जांच हो रही है। प्रतिदिन एक ही क्षेत्र में शिविर नहीं लगाया जा सकता। इसलिए रोस्टर बनाया गया है। हमारी सभी टीमें सक्रिय हैं। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
आंवला। मनौना गांव में व्याप्त गंदगी। संवाद
आंवला। मनौना गांव में व्याप्त गंदगी। संवाद