कार को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा
बस में सवार यात्री बरेली के गोंटिया निवासी शमशाद ने बताया कि हादसा सामने से कार को बचाने की कोशिश में हुआ। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने शव कब्जे में ले लिया। बस लेकर ड्राइवर कोतवाली पहुंच गया। शव की शिनाख्त हादसे के करीब एक घंटे बाद हो पाई। मृतक अजय की दो संतान में सात साल का बेटा प्रशांत और पांच वर्षीय बेटी प्रिया है। हादसे के बाद से पत्नी सुषमा बदहवास हो गई।
बिना परमिट दौड़ती हैं डबल डेकर कई बसें
बरेली-जयपुर और बदायूं-दिल्ली रूट पर पिछले कई महीनों से निजी बसें संचालित हो रही हैं। इनमें चार-पांच डबल डेकर बसें भी शामिल हैं। निजी बसों में बरेली के अलावा बदायूं, कासगंज तो दूसरी तरफ से जयपुर से चलकर मथुरा, हाथरस आदि से भी सवारियों को बैठाया जाता है।
ऐसा भी नहीं कि पुलिस और परिवहन विभाग के अफसरों को निजी बसों के संचालन के बारे में जानकारी नहीं हो। सबकुछ संज्ञान में होने के बाद भी हाईवे पर इन्हें रोकने की कोशिश नहीं की जाती है। हादसे के बाद बस से कोतवाली के सामने सवारियां उतारी गईं तो एक-दो लोग बकरे लेकर नीचे उतरते नजर आए।