गुवाहाटी एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक बुजुर्ग को अचानक हालत बिगड़ने के बाद शाहजहांपुर स्टेशन पर इलाज नहीं मिल पाया। वह बरेली तक तड़पते रहे और यहां ट्रेन के जंक्शन पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। जीआरपी ने शव का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों ने शव घर ले जाने के बजाय यहां सिटी श्मशान भूमि पर ही अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार के लिए जीआरपी और आरपीएफ ने पैसे भी इकट्ठे कर परिवार को दिए।
बेगूसराय के खक्खर मोची परिवार के साथ गुवाहाटी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। एस-6 कोच में उनका रिजर्वेशन था। वह दिल्ली में किसी फैक्ट्री में काम करते थे। उनकी बेटी ने बताया कि शाहजहांपुर में तबियत खराब हुई तो कोच के टीटीई को बताया। ट्रेन शाहजहांपुर पहुंची तो स्टेशन डॉक्टर मौजूद नहीं था। ट्रेन चलने के बाद खक्खर मोची को दो बार लूज मोशन हुए और उल्टी भी आई। ट्रेन के बरेली पहुंचने से पहले ही वह अचेत हो गए। जंक्शन पर रेलवे के डॉक्टर ने खक्खर की जांच कर उन्हें मृत घोषित कर दिया। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लेकिन उनके परिजनों के पास शव के अंतिम संस्कार तक को पैसे नहीं थे। यह देखकर जीआरपी दरोगा सर्वेश सिंह का दिल पसीज गया। उन्होंने सिपाहियों और थाने के अन्य लोगों से चंदा जमा कराकर अंतिम संस्कार कराया।