बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार यादव ने महिला से दुष्कर्म के दोषी को सात साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। महिला अपने दामाद के साथ आम के बाग की रखवाली कर रही थी। दामाद को पेड़ बांधने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। जुर्माने की रकम अदा न करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा। क्योलड़िया थाने के एक गांव की महिला ने गांव के ही शंकर लाल मौर्य के खिलाफ 15 जून 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह 14 जून की रात अपने दामाद के साथ गांव के पास ही स्थित आम के बाग में रखवाली कर रही थी। यहां रात 12 बजे उसे शंकरलाल मौर्य व तीन-चार अज्ञात लोग मिले। इनके पास असलहे नहीं थे। शंकरलाल को गांव का ही होने की वजह से वह जानती थी। शंकरलाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर दामाद को एक पेड़ से बांध दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने जांच के बाद दिसंबर 2013 में चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन की ओर से छह गवाह और सात साक्ष्य पेश किए गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों व गवाहों के बयान के आधार पर शंकरलाल को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। संवाद