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ठगों के जाल में ऐसे फंसा युवक: 20 लाख रुपये के साथ जिंदगी भी गंवाई, पिता ने विदेश भेजने के लिए बेची थी जमीन

Sun, 02 Jun 2024 06:07 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी में साइबर ठगों ने एक युवक को जाल में फंसा लिया। उसे रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। ठग ने पहली बार उसे रकम दोगुनी करके भेजी। बाद में उससे अलग-अलग खातों में 20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगी का पता चलने पर युवक ने आत्महत्या कर ली। 
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अर्शदीप सिंह का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के महंगापुर चौकी क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय युवक अर्शदीप सिंह ठगों के जाल में ऐसे फंसे कि 20 लाख की रकम के साथ जिंदगी भी गंवा दी। ठग ने रकम को दोगुना करने के नाम पर अर्शदीप से 20 लाख रुपये ठग लिए थे। आरोपी ने कई बार में विभिन्न खातों में रकम जमा कराई थी। रुपये रिफंड न होने पर युवक ने ठग से संपर्क किया। कोई जवाब न मिलने पर ठगी होने का एहसास हुआ। इससे युवक आहत हो गया और तनाव में रहने लगा। शनिवार की दोपहर युवक ने जहर खा लिया, हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। रातभर परिजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी। रविवार को तहरीर दी गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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महंगापुर चौकी क्षेत्र निवासी अर्शदीप सिंह पुत्र गुरपेज सिंह के चाचा गुलमेल सिंह ने बताया कि उनका भतीजा पढ़ने में काफी होनहार था। अभी हाल ही में उसका विदेश जाने के लिए बीजा आना था। विदेश जाने के लिए अर्शदीप के पिता ने डेढ़ एकड़ जमीन बेची थी। बताते हैं कि अर्शदीप के खाते में पांच लाख जमा रुपये थे, जबकि उसके पिता के खाते में 15 लाख रुपये जमा थे। अर्शदीप विदेश जा पाता, उससे पहले ही ठग के झांसे में आ गया। 

अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए थे रुपये 
चाचा गुलमेल ने बताया कि अर्शदीप के मोबाइल से मिली चैट में ठग ने उससे रकम दोगुनी करने का झांसा दिया था। ठग ने पहली बार भेजी धनराशि को दोगुना कर वापस कर दिया था। इससे अर्शदीप को विश्वास हो गया था। बताते हैं कि 28 मई से लेकर एक जून तक अर्शदीप ने ठग के अलग-अलग खातों में 20 लाख रुपये भेज दिए। जिसमें 15 लाख रुपये की धनराशि गुरपेज सिंह के खाते से कटे। बताया कि अर्शदीप ने पिता के चेक पर फर्जी साइन करते हुए उक्त धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजी। 

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हस्ताक्षर फर्जी होने के बाद भी बैंक से धनराशि किस तरह आरटीजीएस होती रही, इसमें बैंक मैनेजर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। शनिवार को अर्शदीप ने ठगों से संपर्क करते हुए गंवाई धनराशि वापस मांगी तो उसे कोई जवाब नहीं मिला, इससे वह आहत हो गया। परिजनों के सामने मामला खुलने के डर से अर्शदीप ने जहर खा लिया। 

अर्शदीप की हालत बिगड़ते देख परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर शनिवार की देर शाम उसने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर घर चले गए थे लेकिन ठगी का मामला सामने आने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। रविवार को परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
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