आठ घंटे बाद निकाला केबिन में फंसा शव
सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने हादसे को करीब से देखा। उन्होंने बताया कि ऐसा लगा शायद ड्राइवर को झपकी आ गई और ट्रक सड़क से अलग हटकर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस शव निकालने में असफल रही। करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने ट्रक की बॉडी को क्रेन से तुड़वाकर केबिन से अधजले शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पेड़ हाईवे पर गिरने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने जाम खुलवाकर आवागमन शुरू कराया।
घर का कमाऊ बेटा था सौरभ
घटना की जानकारी मिलते ही शाहजहांपुर से सौरभ के दादा श्यामपाल, भाई अमित घटनास्थल पर पहुंच गए। श्यामपाल ने घटना की तहरीर थाना नवाबगंज में देकर कार्रवाई की मांग की। सौरभ की मां ओमवती का रो रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि सौरभ पांच भाई बहनों में सबसे बड़ा था और उसकी कमाई से घर का खर्च चलता था। ट्रक पर हेल्पर होने की वजह से वह अक्सर कई महीने तक बाहर रहता था।
कई मौत हो चुकीं, जला तो कटवा दिया खूनी पेड़
जिस पेड़ से टकराकर ट्रक में आग लगी, उस पेड़ से पहले भी कई बार वाहन टकरा चुके हैं, जिससे कई लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीण इस पेड़ को खूनी पेड़ के नाम से पुकारते हैं। मंगलवार को जब घटना हुई तो ट्रक से उठती लपटों से पेड़ भी काफी हद तक जल गया। उसके सड़क पर गिरने से हादसे का खतरा था। तब उस पेड़ को कटवा दिया गया। पेड़ कटने के बाद लोग कहते नजर आए कि शायद अब कोई घटना न हो।