बरेली। मझगवां ब्लॉक में खंड विकास अधिकारी भगवानदास की मनमानी के खिलाफ ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी खुलकर सामने आ गए हैं। सचिवों ने बीडीओ पर मानसिक-आर्थिक उत्पीड़न, जातिसूचक टिप्पणी, अवैध वसूली, धमकाने और मनमाने निरीक्षण जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं बुधवार को उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ ने डीडीओ और डीपीआरओ को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम पंचायत अधिकारी नरेश दिवाकर ने आरोप लगाया कि बीडीओ कर्मचारियों से जातिसूचक गालियां देते हैं और अवैध वसूली कराते हैं। उनका आरोप है कि मझगवां में तैनाती के बाद से उन्हें समय पर वेतन भी नहीं मिला। निजी चालक के माध्यम से वसूली कराने, सरकारी वाहन में हथियार लेकर कर्मचारियों को डराने-धमकाने और हर माह रकम मांगने के भी आरोप लगाए गए हैं। ग्राम पंचायत संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र गंगवार ने चेतावनी दी कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन कड़े कदम उठाने को मजबूर होगा। जिला पंचायती राज अधिकारी कमल किशोर ने भी मामले की जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है।
पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें
मझगवां ब्लॉक के कई अन्य सचिवों ने भी बीडीओ के खिलाफ शिकायतें की हैं। विकास गौतम, युधिष्ठिर सिंह, प्रभात चंद्र और राजदीप कुमार समेत अन्य सचिवों ने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीने से वेतन आहरित नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि सुबह 10 बजे से शाम तक लंबी बैठकों के कारण जनता दर्शन प्रभावित हो रहा है। इससे आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों की संख्या बढ़ रही है।
बीडीओ का पक्ष
कर्मचारियों ने जो आरोप लगाए हैं वह निराधार हैं। मेरा पूरा ध्यान शासकीय कार्यों को पूरी कर्मठता और समय से करने पर रहता है। जिन्हें कार्य समय पर नहीं करना है। वो फर्जी आरोप लगाकर शिकायतें करते हैं। - भगवान दास, बीडीओ
वर्जन
मझगवां के बीडीओ पर कर्मचारियों ने लिखित शिकायत कर आरोप लगाए हैं। जिसके चलते बृहस्पतिवार को शिकायतकर्ता को कार्यालय आने को कहा है। बीडीओ का भी पक्ष लिया जाएगा। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार यादव, जिला विकास अधिकारी