बरेली। खालसा साजना दिवस (बैसाखी पर्व) की तैयारियां चल रही हैं। इसमें बीस हजार संगत के जुटने की उम्मीद है।
बैसाखी का पर्व 14 अप्रैल को मनाया जाएगा। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी श्री गुरुसिंह सभा की ओर से दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि 13 अप्रैल को शाम 6:30 बजे से गुरुद्वारा मॉडल टाउन में अमृतमयी कीर्तन दरबार का आयोजन होगा। मुख्य दीवान 14 अप्रैल को संजय नगर स्थित गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक सजाया जाएगा। 14 अप्रैल को ही गुरुद्वारा मॉडल टाउन में शाम 6:30 बजे से रात्रि दीवान सजेगा। सभी कार्यक्रमों में लंगर का आयोजन किया जाएगा।
कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र सिंह, महासचिव गुरचरन सिंह (लवली), रणजीत सिंह बग्गा, सूरज प्रकाश भाटिया, चंद्र मोहन खन्ना, गुरदर्शन सिंह, अमन सिंह सोढ़ी मौजूद रहे।
बैसाखी का महत्व
वर्ष 1699 में बैसाखी के दिन ही साहिब-ए-कमाल सिखों के दसवें गुरु श्री गुरुगोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ बनाया था। सिख समाज इसे खालसा साजना दिवस के रूप में मनाते हैं। इसी दिन गुरुगोबिंद सिंह ने सर्वप्रथम पंच प्यारों को अमृतपान करवा कर खालसा बनाया और उनके हाथों से स्वयं भी अमृतपान किया था।