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डाक से भेजा तलाक...तलाक..तलाक

Fri, 20 Nov 2015 01:45 AM IST
बरेली
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बरेली। ठिरिया निजावत खां के 48 वर्षीय मैकेनिक शाहनवाज खां ने डाक से तलाक का लिफाफा भेजकर पत्नी से 22 साल पुराना रिश्ता तोड़ लिया। यह सब उसने बेटी की उम्र की लड़की से निकाह करने के लिए किया। पत्नी अपने जवान बेटी-बेटे के साथ उसी के घर के एक हिस्से में रह रही है। हालांकि वह उसे निकालने के लिए तमाम कोशिशें कर चुका है। लड़के को पिता ने घर न छोड़ने पर जान से मारने की धमकी भी दी है।
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 थाना इज्जतनगर के रहपुरा गांव से 22 साल पहले निकाह के बाद दुल्हन के रूप में विदा होकर आई थीं नायब बेगम। नायब के पास शाहनवाज के साथ शादी होने के बाद जुनैद और आरफा नाम के बेटी बेटा हैं। नायब के भाई तौफीक ने बताया कि 30 जून को उसे डाकिए से एक लिफाफा मिला। उसे खोलकर देखा बहनोई शाहनवाज ने उसमें रखे एक कागज में नायब को तलाक.. लिखकर भेजा था। उसमें लिखा था कि नायब से मेरे पिछले 14 साल से संबंध नहीं है। इसलिए उसे तलाक देता हूं और उसका हक मेहर भी अदा करने को तैयार हूं। लिफाफा पढ़ने के बाद उसने नायब को बताया नहीं, लेकिन उसे मायके से ससुराल भेज दिया। वह करीब एक महीने से मायके में ही थी। सोचा था पति के पास जाएगी तो हालात ठीक हो जाएंगे, लेकिन कुछ नहीं हो पाया। मैकेनिक शाहनवाज की स्वालेनगर में वर्कशाप है। तौफीक ने बताया कि 15 नवंबर को मेरी शादी थी। नायब शादी के लिए मायके आई हुई थी। तभी 16 को उसके पति ने वर्कशाप के पड़ोस में रहने वाली बेटी की उम्र की प्रेमिका से निकाह कर लिया। खबर मिलने पर नायब अगले दिन अपने घर गई तो पति के वलीमे की दावत चल रही थी। नायब ने घर में घुसने की कोशिश की तो शाहनवाज और उसके परिवार के लोगों ने धक्का मारकर निकाल दिया। इस पर रात को नायब अपने बेटी-बेटा के साथ घर के बाहर ही धरने पर बैठ गई। सूचना पर दरोगा ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह से नायब और उसके बच्चों को घर में अंदर करा दिया, लेकिन अब भी पति और उसके घर वाले उन्हें निकालने की कोशिश में लगे हैं। डरा धमका रहे हैं। शाहनवाज का कहना है कि तलाक होने के बाद नायब से उसका कोई नाता नहीं है। इसलिए वह उसे घर में किसी भी हाल में नहीं रखेगा।     

मां को साथ रखने को फतवा ले आया बेटा
मैकेनिक शाहनवाज के बेटे जुनैद का कहना है कि उसे अपना हिस्सा चाहिए। मां को अपने साथ रखेगा। शाहनवाज उसे कुछ भी देने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि बेटा उससे लड़ता है, वह उसे किसी भी हाल में कुछ नहीं देगा। शाहनवाज का कहना था कि तलाक होने के बाद नायब उसके घर में नहीं रह सकती है। शरीयत के मुताबिक भी यह जायज नहीं है। उन्हीं के बेटे जुनैद ने इसका जवाब फतवा लाकर दे दिया। फतवे में उलेमाओं ने साफ कहा है कि बेटे के साथ मां पति से तलाक होने के बाद भी रह सकती है, लेकिन वह स्थान पति के घर से अलग होना चाहिए। शाहनवाज का घर ही दो हिस्सों में बंटा है। इसलिए जिस मकान में नायब रहती है, वहां वह शरीयत के मुताबिक रह सकती है।
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