बरेली। एक मनचला मेरी बेटी को कालेज से आते-जाते वक्त छेड़ता है। कहता है कि शादी नहीं करना है तो सात लाख रुपये दें, नहीं तो तेरा अश्लील वीडियो बनाकर वायरल कर दूंगा। पीड़ित लकड़ी की मां का कहना है कि यह मनचला व्हाट्सएप के दो नंबरों से भद्दे मैसेज भेजता है। एक लड़के ने उसका और बेटी कुंवारी बेटी का जीना मुश्किल कर दिया है।
मोहल्ला कंघीटोला की रहने वाली एक महिला सर्किट हाउस में उत्पीड़न का शिकार महिलाओं की जन सुनवाई करने पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्यामला एस. सुंदर को अपनी व्यथा बताते हुए रो पड़ी। आयोग की सदस्य ने पुलिस अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए। पटेलनगर में रहने वाली एक तेजाब पीड़ित युवती ने बताया कि उसने इज्जतनगर थाने में मार्च में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका मेडिकल कराया गया लेकिन पुलिस ने फिर कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपी उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। कई पुलिस अधिकारियों को दरख्वास्त दे चुकी है लेकिन कोई नहीं सुन रहा। श्यामला एस. ने पुलिस अधिकारियों से इस प्रकरण की रिपोर्ट देने को कहा। सिरौली की एक महिला ने बताया कि उनकी नवविवाहित बेटी से उनका दामाद बेटी अप्राकृतिक संबंध बनाता है। मना करने पर हाथ पांव बांधकर पिटाई करता है। परेशान होकर कई बार वह खुदकुशी की कोशिश कर चुकी है।
आयोग के पास 42 मामलों की ऑनलाइन शिकायतें मिली थी। बुधवार को पीड़ित महिलाओं के साथ संबंधित थानाध्यक्षों को भी बुलाया गया था। इस मौके पर जिला न्यायाधीश अरुण कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव हरीश चंद्र, एडीएम सिटी महेंद्र कुमार, एसपी क्राइम कमलेश भारती, जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
पहली बार हुई राष्ट्रीय महिला आयोग की सुनवाई
राज्य महिला आयोग की जन सुनवाई तो कई बार हो चुकी हैं लेकिन बुधवार को पहली बार राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से जन सुनवाई हुई। आयोग की सदस्य का कहना है कि अब नियमित तौर से जन सुनवाई होती रहेगी ताकि महिलाएं को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।