बरेली। एडीजे-स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट तबरेज अहमद ने कस्बा भोजीपुरा निवासी शाहिद की निगरानी याचिका को निरस्त करते हुए अपर सिविल जज कक्ष संख्या एक के 10 अगस्त 2023 के आदेश को कायम रखा है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई आदेशों की नजीर देते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट संज्ञेय अपराध में मामला दर्ज करने के लिए बाध्य नहीं है। मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का एसीजेएम का आदेश न्याय संगत है।
धौराटांडा निवासी शाहिद ने कस्बे के ही आमिर, फिरदौस, अलीजा, रेशमा के खिलाफ पीटकर चोट पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में अर्जी दी थी। एसीजेएम ने सुनवाई के बाद 10 अगस्त 2023 को मामला परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने इस आदेश को अपर पत्र न्यायालय में चुनौती देते हुए कहा कि मामले में चोटों और डॉक्टरी मुआयना व रिकवरी को नजरअंदाज किया गया है। अपर सत्र न्यायालय ने मामले को सुनने के बाद एसीजेएम के आदेश को कायम रखा है। कोर्ट ने कहा कि परीक्षण न्यायालय ने आदेश में कोई त्रुटि नहीं की है। ऐसे में रिवीजन याचिका को निरस्त किया जाना न्याय संगत है। संवाद