बरेली। परिवहन माफिया और अफसरों की यारी से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ रही है। परिवहन माफिया अस्थायी परमिट पर बसें दौड़ा रहा है। कोई हादसा होने पर जिम्मेदार कुछ डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर देते हैं। बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के कई रूटों पर माफिया अस्थायी परमिट पर बसों को दौड़ा रहा है। गैंगवार तक की स्थिति बन रही है। माफिया अफसरों को कुचलने तक का दुस्साहस कर चुके हैं।
परिवहन विभाग यात्री वाहनों को सीमित अवधि के लिए किसी विशेष रूट या दूसरे राज्य में संचालन और यात्रियों को लाने-ले जाने की अनुमति देता है। इस अस्थायी परमिट पर चलने वाले वाहन का रूट तय होता है। परिचालक को यात्रियों का विवरण भी रजिस्टर में दर्ज करना होता है, लेकिन पूरे मंडल में इस अस्थायी परमिट का दुरुपयोग किया जा रहा है। अस्थायी परमिट पर मंडल के चारों जिलों से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, नगालैंड, मिजोरम, असम, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, गुजरात तक स्लीपर और डबल डेकर बसों को दौड़ाया रहा है। अस्थायी परमिट पर निजी बसें पड़ोसी देश नेपाल तक भी दौड़ रही हैं।
अवैध बसों से जीएसटी की भी चोरी
अवैध बसों के जरिये लाखों रुपये का माल इधर से उधर कर जीएसटी की भी चोरी की जा रही है। नियमानुसार, जिस वाहन के लिए अस्थायी परमिट जारी किया जाता है, उसका आकार, यात्री क्षमता आदि तय होती है, लेकिन माफिया बसों की संरचना में बदलाव कर रहा है। छह माह में परिवहन विभाग ने 10 ऐसी बसों को पकड़ा है जो बरेली होकर दूसरे राज्यों तक दौड़ रही थीं। माल ढुलाई के लिए इनकी संरचना ही बदल दी गई।
रूटों को लेकर हो रहा गैंगवार
रूटों को लेकर निजी बस संचालकाें के बीच गैंगवार तक शुरू हो गया है। दो जून को बस संचालक वीरेंद्र सिंह उर्फ गोल्डी और मोनू उर्फ मानवेंद्र के गुटों के बीच नेशनल हाईवे पर फतेहगंज पश्चिमी टोल के पास गैंगवार हो गया था। दोनों ओर से गोलियां चलीं। बाद में पुलिस ने दोनों ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली। दोनों बस संचालकों के बीच रूट को लेकर रंजिश चल रही थी। इनमें एक शाहजहांपुर और दूसरा शाहजहांपुर के ही निगोही का है। इनकी बसों का संचालन बरेली होकर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब तक होता है।
दो एआरटीओ को कुचलने की हुई थी कोशिश
एआरटीओ प्रवर्तन राजेश कर्दम और संदीप जायसवाल को भी कुचलने की कोशिश की जा चुकी है। संदीप जायसवाल पर बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के नवदिया झादा के पास भोजीपुरा के पासर गैंग ने हमला किया था। वह बाल-बाल बचे थे। इससे पहले इज्जतनगर थाना क्षेत्र में नैनीताल हाईवे पर राजेश कर्दम को भी कार से कुचलने की कोशिश की गई थी। 16 जनवरी को डीएम के आदेश पर बहेड़ी में परिवहन, खनन, आबकारी, राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम ने ओवरलोडिंग और अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की तो माफिया ने अफसरों को ही कुचलने की कोशिश कर डाली। यात्री एवं मालकर अधिकारी रमेश प्रजापति बाल-बाल बचे थे। इस दौरान 37 ओवरलोड ट्रकों सहित 40 वाहनों को सीज किया गया था। 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 44 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बावजूद ओवरलोडिंग और डग्गामारी जारी है।
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क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बस पर कराई फायरिंग
मीरगंज। नल नगरिया चौराहे के पास ढाबे पर शनिवार रात अपनी बस पर फायरिंग और तोड़फोड़ कराने के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मीरगंज पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस की जांच में पता लगा कि रात 11 बजे चालक ने नल नगरिया चौराहे पर बस खड़ी कर दी थी। इसके बाद रात एक बजे के बाद बस पर फायरिंग दिखाई गई। आरोपी बस संचालकों के खिलाफ रामपुर के मिलक थाने में मारपीट व तोड़फोड़ का मामला दर्ज है। क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आरोपियों ने अपनी ही बस पर फायरिंग और तोड़फोड़ कराने की साजिश रची थी। दरोगा पंकज कुमार की तहरीर पर पांच नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चालक अरबाज अली और परिचालक बिलाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सीओ अजय कुमार ने बताया अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।